नैनीताल। बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड के चुनाव की मतगणना चार दिन चली। बृहस्पतिवार रातभर चली मतगणना के परिणाम शुक्रवार सुबह मिले। चुनाव को लेकर आईं आपत्तियों के चलते विजेताओं को जीत के प्रमाण पत्र नहीं दिए जा सके हैं। टिब्यूनल से आपत्तियों का निस्तारण के बाद प्रमाण पत्र बांटे जाएंगे। इसके बाद यही सदस्य अध्यक्ष, उपाध्यक्ष चुनेंगे।
बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड चुनाव में 90 प्रत्याशी मैदान में थे। इनमें से 20 चुने जाने थे। नैनीताल क्लब में 30 अप्रैल से मतगणना शुरू हुई। मतगणना के दौरान कई अधिवक्ताओं की शिकायत थी कि उन्हें मतगणना टेबल तक नहीं जाने दिया जा रहा है। रद्द किए जा रहे मतपत्र उन्हें नहीं दिखाए जा रहे हैं। शुक्रवार को मुख्य चुनाव अधिकारी बीसी कांडपाल ने बताया कि शुक्रवार सुबह साढ़े पांच बजे मतगणना पूरी हो चुकी है। 20 प्रत्याशियों को विजयी घोषित किया जा चुका है। विजयी प्रत्याशियों की सूची बार काउंसिल ऑफ इंडिया को भेज दी गई है। विजयी प्रत्याशियों को जीत के प्रमाण पत्र अभी नहीं दिए जा सके हैं क्योंकि 15 अधिवक्ताओं की चुनाव संबंधी शिकायतें लंबित हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बना ट्रिब्यूनल इन शिकायतों का निस्तारण करेगा। आपत्तियों के निस्तारण से पहले विजयी प्रत्याशियों को प्रमाण पत्र नहीं दिए जा सकते। आपत्तियां निपटने के बाद विजयी प्रत्याशियों को प्रमाण पत्र बंटेंगे। बीसी कांडपाल ने उम्मीद जताई कि एक महीने में आपत्तियों का निस्तारण हो जाएगा।
मुख्य चुनाव अधिकारी ने विजेताओं की घोषणा की
आपत्तियों के चलते प्रमाण पत्र नहीं दिए जा सके
ट्रिब्यूनल से आपत्तियों के निस्तारण के बाद प्रमाण पत्र बांटे जाएंगे
-यह प्रत्याशी रहे विजयी-
मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि जीत के लिए न्यूनतम मानक 337.5 घोषित किया गया था। सबसे पहले डीके शर्मा ने यह मानक हासिल किया। इसके बाद विजय भट्ट, सुरेंद्र पुंडीर, कुलदीप कुमार सिंह, चंद्रशेखर तिवारी, नंद सिंह भंडारी, राजीव गुप्ता, हरी सिंह नेगी, एनएस कन्याल, महेंद्र सिंह पाल, मुनफैद अली, सुखपाल सिंह, योगेंद्र सिंह तोमर ने मानक हासिल किया। एमएम लांबा, आर सोलंकी, अनिल पंडित, आरएस बिष्ट, आरके चौहान, एमएस कोरंगा, पीके चौधरी को मेरिट के आधार पर विजयी घोषित किया गया।