नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय की बैक परीक्षाओं के परिणामों में मिलीं खामियों को लेकर एमबीपीजी कॉलेज हल्द्वानी के एमकॉम प्रथम सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं ने बुधवार को कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल का घेराव किया। उन्होंने कहा कि एमकॉम प्रथम सेमेस्टर की बैक परीक्षाओं में कॉलेज से परीक्षा देने वाले सभी छात्रों को 75 में से एक या दो अंक दिए गए हैं। छात्राओं ने कहा कि यदि उन्हें सही नहीं नंबर नहीं दिए तो वह एमकॉम छोड़ देंगी। इस दौरान छात्र नेताओं की कुलपति से बहस भी हुई।
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष विशाल सिंह भोजक के नेतृत्व में छात्र-छात्राओं ने कहा कि विवि के मूल्यांकन कार्य में हर वर्ष सवाल खड़े होते हैं लेकिन विवि प्रशासन कार्रवाई करने, व्यवस्थाओं में सुधार करने के बजाए छात्रों को नियमों का पाठ पढ़ाता है। कहा कि विवि की ओर से जो नियम बनाए जाते हैं अगर वे छात्रों के भविष्य के आगे रोड़ा बन रहे है तो उसमें बदलाव किया जाना चाहिए। कुविवि कुलपति ने आश्वासन दिया कि मूल्यांकन में खामियों की शिकायत का संज्ञान लिया गया है और विवि की ओर से कमेटी गठित की गई है, जो कॉपियों के मूल्यांकन की जांच करेगी। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस पर छात्र शांत हुए। इस दौरान एनएसयूआई राष्ट्रीय सचिव सुमित्तर भुल्लर, ओमप्रकाश शर्मा, चंदन सम्मल, अमर पाल, श्वेता आनंद, भावना आर्या, बबीता आदि रहे।
एनएसयूआई ने कुविवि के कुलपति का किया घेराव
छात्र-छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप
चार सूत्री मांग पत्र कुलपति को सौंपा
नैनीताल। बुधवार को कुविवि के कुलपति को एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने चार सूत्री मांग पत्र सौंपा। उन्होंने लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों की समीक्षा कर उसमें चुनाव लड़ने के लिए आयु सीमा बढ़ाने, चुनाव खर्च पांच हजार रुपये से बढ़ाने, सेमेस्टर में सुधार करने, एकेडमिक कैलेंडर का अनुपालन सही से करने और ऑनलाइन प्रक्रिया में सुधार करने की मांग की।