हल्द्वानी/रामनगर। दो सूत्री मांगों को लेकर वन आरक्षी एवं वन बीट अधिकारी संघ मंगलवार से बेमियादी हड़ताल पर जा रहा है। हड़ताल में प्रदेश के 3650 वन आरक्षी शामिल होंगे। दक्षिणी वृत्त में शामिल तराई पूर्वी, तराई पश्चिमी, तराई केंद्रीय, हल्द्वानी, रामनगर वन प्रभागों के 800 से ज्यादा आरक्षी हड़ताल पर रहेंगे।
संघ ने सोमवार को तिकोनियां स्थित पश्चिमी वन वृत्त के वन संरक्षक कार्यालय प्रांगण में धरना दिया। इस दौरान शशिवर्धन अधिकारी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने वन दरोगा की भर्ती में 33 फीसदी सीधी भर्ती का प्रस्ताव पारित किया है जबकि पूर्व में यह शत प्रतिशत पदोन्नति का पद था। इस प्रस्ताव से आरक्षियों के पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पाएगा। दूसरा, वन आरक्षी के वन दरोगा के पद पर पदोन्नति के लिए न्यूनतम 10 साल की सेवा अवधि संबंधी शर्त भी हटाने की मांग की है। आरोप लगाया कि इससे पद खाली होने के बाद भी आरक्षियों को लाभ नहीं मिल पाएगा। चेतावनी दी कि सरकार ने मांगें नहीं मानी तो मंगलवार से प्रदेशव्यापी हड़ताल की जाएगी। इस दौरान आशुतोष आर्य, चंद्रशेखर सनवाल, ललित हर्बोला, हरि सिंह, मुख्तार अहमद आदि थे। वहीं वन आरक्षी और वन बीट अधिकारियों ने सोमवार को तीसरे दिन भी वन परिसर रामनगर में क्रमिक अनशन किया। दो सूत्री मांगों को लेकर सोमवार को दयाल सिंह, मकसूद अली, अशोक ध्यानी, ब्रजमोहन नेगी, गुरुदेव सिंह क्रमिक अनशन पर बैठे। इस दौरान बबीता जोशी, हेमा बिष्ट, कुसुम, ब्रजमोहन रावत, वीरेंद्र प्रसाद पांडे, अनिल चौहान, भुवन चंद्र सती, मोहन पांडे, दीपक, ऋतु बेलवाल, गोविंदी देवी आदि थे।
ये काम काज होंगे प्रभावित
- फायर सीजन में वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम में समस्या।
- अवैध पातन की रोकथाम, चेकिंग, छापामारी प्रभावित।
- अवैध खनन की रोकथाम।
- जंगल में असामाजिक गतिविधियों पर निगहबानी नहीं हो सकती।