गरुड़ (बागेश्वर)। फायर वॉचरों के गत वर्ष के लंबित मानदेय के भुगतान के लिए चौदह लाख की मांग के सापेक्ष शासन ने दस लाख अवमुक्त कर दिए हैं। इसके साथ ही वनों को आग से बचाने और वन पंचायतों के संरक्षण के लिए जिले की 280 वन पंचायतों को चार-चार हजार रुपये अवमुक्त कर दिए है।
बागेश्वर वन प्रभाग के डीएफओ आरके सिंह ने बताया कि वन प्रभाग बागेश्वर के अंतर्गत 822 वन पंचायतें आती हैं। शासन ने वन पंचायतों को फायर सीजन में वनों को आग से बचाने और सरंक्षण के लिए 280 वन पंचायतों को चार चार हजार रुपये की दर से धनराशि अवमुक्त कर दी है। चौदह लाख के विपरीत दस लाख रुपये फायर वॉचरों के मानदेय के लिए अवमुक्त कर दिए गए हैं।
डीएफओ ने बताया कि फायर वॉचरों को लंबित मानदेय का भुगतान एक सप्ताह के अंदर कर दिया जाएगा। उन्होंने वन पंचायत सरपंचों से वनों के संरक्षण के लिए के जल्द ही कार्य योजना तैयार कर रेंजर के माध्यम से भेजने को कहा है।