गरुड़ (बागेश्वर)। शासन प्रशासन ने गरुड़ तहसील को लावारिस हालत में ही छोड़ दिया है। गरुड़ तहसील एक साल से बगैर स्थायी तहसीलदार, नायब तहसीलदार और कानूनगो के ही चल रही है। डीएम ने बागेश्वर के नायब तहसीलदार को गरुड़ सहित चार तहसीलों के प्रभारी तहसीलदार का कार्य भार सौंपा है।
गरुड़ तहसील के पूर्व तहसीलदार खीम सिंह बिष्ट के करीब दो साल पहले हुए स्थानांतरण के बाद से यहां स्थायी तहसीलदार की तैनाती नहीं हो सकी है। डीएम ने बागेश्वर के नायब तहसीलदार दयाल चंद्र टम्टा को गरुड़ के प्रभारी तहसीलदार का पदभार तो सौंपा है, लेकिन उनके पास बागेश्वर, काफलीगैर, और दुग नाकुरी तहसील के तहसीलदार का अतिरिक्त कार्यभार भी है।
प्रभारी तहसीलदार टम्टा के पास चार तहसीलों का कार्यभार होने के कारण वह सभी तहसीलों को समय नहीं दे पा रहे हैं। इससे लोगों और विभागीय कर्मचारियों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नायब तहसीलदार का पद भी एक साल से रिक्त है, जबकि कानूनगो का पद तीन साल से रिक्त है। नायब तहसीलदार और कानूनगो के पद भी अस्थायी व्यवस्था से चल रहे हैं। यह हाल तब है जबकि विकास खंड के अधिकांश गांव राजस्व पुलिस के अंतर्गत आते हैं।