सितारगंज। खेल महाकुंभ की तिथि और स्थान बदलने के कारण प्रतिभाग करने से वंचित रह गई छात्रा के अभिभावक न्याय के लिए भटक रहे हैं। डीएम की जन सुनवाई से लेकर सरकार के वेब पोर्टल समाधान तक मामले की शिकायत दर्ज हो गई, लेकिन अफसरान इस मुद्दे पर जरा भी संजीदा नहीं हैं। युवा कल्याण विभाग के सचिव ने युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल के निदेशक स्तर पर कार्रवाई अपेक्षित का जबाव तो दे दिया, लेकिन शिकायती पत्र पर अभी तक अंतिम रूप से कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जिला क्रीड़ा अधिकारी के दफ्तर में फाइल लंबित पड़ी है।
कुंवरपुर सिसैया के राजकीय प्राथमिक स्कूल की कुमारी सिदरा ने खेल महाकुंभ 2017 में आयु वर्ग अंडर-14 में न्याय पंचायत कल्याणनगर से सौ मीटर और दो सौ मीटर की एथलेटिक्स भाग लेकर प्रथम स्थान पाया था और खंड स्तरीय एथलेटिक्स के लिए चयनित हुई थी। विकास खंड के प्रतियोगिता आयोजकों ने खेल महाकुंभ का कैलेंडर ही बदल दिया।
जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी के अनुसार ब्लॉक सितारगंज के लिए चयनित प्रतिभागिता का स्थान गुरुनानक अकादमी नानकमत्ता था और आयु वर्ग अंडर-14 की एथलेटिक्स 16 नवंबर 2017 थी, लेकिन आयोजकों ने दोबारा बिना किसी संशोधन विज्ञप्ति प्रकाशित कर स्थान में परिवर्तन कर दिया और नानकमत्ता की जगह सितारगंज जीआईसी में एक दिन पहले 15 नवंबर को प्रतियोगिता संपन्न करा दी।
इस मामले को 20 नवंबर को जन सुनवाई दिवस में रखा गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद 17 जनवरी को सर्विस एंपावरमेंट वेलफेयर अकाउंटेबिलिटी (सेवा) समाधान वेब पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। इस पर 18 जनवरी को युवा कल्याण विभाग के सचिव ने युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल के निदेशक स्तर पर कार्रवाई अपेक्षित होना बताया।
30 जनवरी को निदेशक ने डीएम ऊधमसिंह नगर की जगह अल्मोड़ा को कार्रवाई के लिए लिखा। अल्मोड़ा जिलाधिकारी ने ऊधम सिंह नगर जिलाधिकारी को शिकायती पत्र स्थानांतरित कर दिया। न तो डीएम ने इस पर अभी तक संज्ञान लिया और न ही उच्चाधिकारियों ने ही कोई अंतिम रूप से कार्रवाई की। अब यह मामला जिला क्रीड़ा अधिकारी के दफ्तर में लंबित है। छात्रा सिदरा के मामा मोहम्मद शादाब ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को पत्र भेजकर मामले में कार्रवाई की मांग की है।