समय से प्रतिशपथ पत्र न देने पर 5000 रुपये का जुर्माना
नैनीताल। उच्च न्यायालय ने ढैंचा बीज घोटाले मामले में याचिकाकर्ता की ओर से समय पर प्रतिशपथ पत्र न देने पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अगली सुनवाई 19 अप्रैल को होगी।
मुख्य न्यायाधीश केएम जोसफ और न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। गाजियाबाद निवासी जय प्रकाश डबराल ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि वर्ष 2005- 06 में तत्कालीन सरकार ने खरीफ की फसल को बढ़ावा देने के लिए ढैंचा बीज वितरण की योजना बनाई थी।
आरोप है किखरीदे गए ढैंचा बीज का निर्धारित बाजार मूल्य से 60 फीसदी अधिक मूल्य चुकाया गया है। इस मामले की जांच के लिए गठित त्रिपाठी आयोग की रिपोर्ट में भी भ्रष्टाचार उजागर हुआ था आरोपियों के खिलाफ सरकार के स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की गयी। पक्षों की सुनवाई के बाद खंडपीठ मामले की अगली सुनवाई के लिए 19 अप्रैल की तिथि नियत की है।