नैनीताल। एनएच 74 भूमि मुआवजा आवंटन घोटाले के मुख्य आरोपी निलंबित विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी डीपी सिंह और संग्रह अमीन अनिल कुमार की जमानत अर्जी को अदालत ने खारिज कर दिया है।
सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश नैनीताल/ विशेष जज भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कुमकुम रानी की अदालत में डीपी सिंह और अनिल कुमार की जमानत अर्जी पेश हुई। डीपी सिंह ने अपनी जमानत अर्जी में कहा कि उन्होंने नियमानुसार मुआवजा आवंटन किया है और कई जगहों पर सर्किल रेट से भी कम मुआवजा देकर सरकार के करोड़ों रुपये बचाए हैं। जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने अदालत को बताया कि इस घोटाले में करोड़ों रुपये का घपला हुआ है। इसमें डीपी सिंह मुख्य आरोपी है। इस आधार पर अदालत ने डीपी सिंह की जमानत अर्जी खारिज कर दी। इसके अलावा संग्रह अमीन अनिल कुमार पर राजस्व अभिलेखों में बैक डेट में कृषि भूमि को अकृषि दर्शाने का आरोप है जबकि यह कार्य संग्रह अमीन का नहीं होता है। इस आधार पर अदालत ने संग्रह अमीन की अर्जी भी खारिज कर दी।