नैनीताल। हाइकोर्ट ने हरिद्वार जिला पंचायत अध्यक्ष सविता चौधरी के खिलाफ की जा रही जांच तथा उनके निलंबन के बाद बनी तीन सदस्यीय कमेटी के कार्य करने पर रोक लगाने के मामले में दायर प्रार्थना पत्र पर तुरंत सुनवाई से इनकार करते हुए सुनवाई के लिए 22 फरवरी की तिथि नियत की है।
हरिद्वार जिला पंचायत अध्यक्ष सविता चौधरी ने हाइकोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल कर उनके खिलाफ जांच तथा शासन की ओर से तीन सदस्यीय कमेटी से जिला पंचायत का संचालन किए जाने पर रोक लगाने की मांग की थी। ताकि वह जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यभार संभाल सकें। दुकानों के आवंटन में करोड़ों की गड़बड़ी मामले में शासन द्वारा जांच बैठाई गई थी। डीएम दीपक रावत द्वारा की गई जांच में गड़बड़ी के आरोप सही पाए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर सचिव पंचायती राज द्वारा जिला पंचायत अध्यक्ष को निलंबित कर दिया गया था। न्यायमूर्ति मनोज तिवारी की एकलपीठ ने पक्षों की सुनवाई के बाद तुरंत सुनवाई से इनकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 22 फरवरी की तिथि नियत की।