रामनगर (नैनीताल)। चेक बाउंस के दो मामलों में न्यायालय ने एक आरोपी को एक-एक साल के कारावास और 1.80 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न जमा करने की स्थिति में आरोपी को एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मोहल्ला नई बस्ती गूलरघट्टी निवासी परिवादी सलीम मलिक ने मोहल्ला भवानीगंज निवासी दीपक चावला पर आरोप लगाया था कि उसने छह माह के लिये 1.40 लाख रुपये उधार मांगे थे लेकिन बाद में दीपक मामले को टालता रहा। लगातार तकादे के बाद करीब तीन साल बाद दीपक ने धन वापसी के लिये 80 हजार और 60 हजार रुपये के दो चेक दिये थे, जो कि परिवादी ने अपने बैंक खाते में डाले तो दीपक के बैंक खाते में पर्याप्त धन न होने के कारण दोनों चेक बाउंस हो गये थे। इसलिए सलीम ने अपने अधिवक्ता चंद्रशेखर करगेती के माध्यम से एसीजेएम गीता चौहान की कोर्ट में दो वाद दायर किये थे, न्यायालय में करीब ढाई साल सुनवाई चली। इस दौरान परिवादी के अधिवक्ता की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोनों मामलों में दोषी माना। फौजदारी वाद संख्या 586 में एक वर्ष के कारावास, 80 हजार रुपये के अर्थदंड और फौजदारी वाद संख्या 587 में एक वर्ष के कारावास, एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया। अर्थदंड न जमा करने की स्थिति में आरोपी को दोनों मामलों में एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
चेक बाउंस के मामले में दो साल की सजा
1.80 लाख रुपये का लगाया जुर्माना