भीमताल (नैनीताल)। निर्वासित महिलाओं के लिए महिला आश्रम चलाने वाले एनजीओ को अब पंजीकरण कराना जरूरी होगा। बिना पंजीकरण किए निर्वासित महिला आश्रम चलाते हुए पाए जाने पर एनजीओ पर जुर्माने के साथ जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रोबेशन अधिकारी अंजना गुप्ता ने बताया कि जिले में जो एनजीओ सरकारी एवं गैर सरकारी उज्ज्वला सुधार गृह, दिव्यांग महिलाओं और निर्वासित महिला आश्रम चला रहे हैं। उन्हें अब अनैतिक देह व्यापार रोकथाम अधिनियम 1956 के उपनियम 21 के तहत पंजीकरण कराना आवश्यक हो गया है। इसके लिए राज्यपाल के निर्देश पर शासन द्वारा शासनादेश जारी किया जा चुका है। जो एनजीओ बिना पंजीकरण कराए निर्वासित महिला आश्रम चलाते हुए पकड़ा गया तो प्रथम बार में 10 हजार का जुर्माना, एक साल की जेल और दूसरी बार पकड़े जाने पर एक लाख का जुर्माना, दो साल की जेल होगी। अंजना ने बताया कि ऐसे एनजीओ जिला प्रोबेशन कार्यालय हल्द्वानी में पंजीकरण करा सकते है।
बिना पंजीकरण के महिला आश्रम चलाने पर होगी कार्रवाई
राज्यपाल के निर्देश पर शासनादेश जारी
डीएम होगे अध्यक्ष
जिले में निर्वासित महिला आश्रम के पंजीकरण के लिए गठित टीम में डीएम को अध्यक्ष, एसएसपी, एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट, सीएमओ और बाल विकास परियोजना अधिकारी को सदस्य और जिला प्रोबेशन अधिकारी को संयोजक बनाया गया है।