हल्द्वानी। ईपीएफओ के ऑनलाइन क्लेम के भुगतान में हल्द्वानी के दफ्तर ने बंगलूरू, गुड़गांव, दिल्ली जैसे विकसित शहरों को पछाड़ कर बाजी मारी है। ऑनलाइन क्लेम के भुगतान में हल्द्वानी के दफ्तर को देश भर में नंबर वन की ट्रॉफी से नवाजा गया है। प्रदेश में जहां अभी भी मोबाइल टावर, इंटरनेट और तकनीकी की कमी है। ऐसे में देश भर में नंबर वन आना प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि है।
ईपीएफओ में भुगतान के लिए दफ्तर जाकर आवेदन करना होता है। 2017 अगस्त में ऑनलाइन क्लेम की व्यवस्था शुरू की गई। इधर, श्रम मंत्रालय ने एक अक्तूबर 2017 से 30 नवंबर 2018 तक देश भर के ईपीएफ दफ्तरों की निगरानी शुरू की। इसमें सबसे ज्यादा ऑनलाइन क्लेम का भुगतान क्षेत्रीय आयुक्त कार्यालय हल्द्वानी से हुआ। यहां कुल मिले क्लेम के 80 फीसदी से ज्यादा का भुगतान निर्धारित अवधि में किया गया। वहीं तकनीकी, शिक्षा में आगे बंगलूरू, दिल्ली, पुणे आदि भुगतान नहीं कर सके। एक नवंबर को विभागीय स्थापना दिवस पर दिल्ली में आयोजित समारोह में केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने क्षेत्रीय आयुक्त आशीष कुमार को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। क्षेत्रीय आयुक्त ईपीएफओ आशीष कुमार ने बताया कि यह कोशिश आगे भी जारी रहेगी।
ईपीएफ के ऑनलाइन क्लेम के भुगतान में हल्द्वानी देश में नंबर वन
केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने क्षेत्रीय आयुक्त कार्यालय को दी ट्रॉफी
पहली बार बनी है यह श्रेणी
ऑन लाइन क्लेम के भुगतान साल 2017 में शुरू किए गए हैं। इस वजह से इस साल पहली बार ऑनलाइन क्लेम के भुगतान की श्रेणी बनी है। पहली बार में ही हल्द्वानी ने पहला स्थान हासिल कर लिया है।
हर माह आते हैं औसतन 11,000 से ज्यादा क्लेम
एक अप्रैल 2018 से 30 नवंबर 2018 तक 94,000 क्लेम भुगतान के लिए आए। इनमें 80-85 हजार क्लेम ऑनलाइन थे। इस तरह 11-12,000 क्लेम औसतन हर महीने आते हैं। कुल क्लेम में सिर्फ 8,000 दावे लंबित हैं, जबकि 800 क्लेम ऐसे हैं जो निर्धारित 20 दिनों की अवधि से ज्यादा लंबित हैं।