हल्द्वानी। श्रीगुरुतेग बहादुर सीनियर सेकेंडरी स्कूल और खालसा नेशनल बालिका इंटर कालेज के प्रबंधन को लेकर चल रहे विवाद में कोर्ट का फैसला आने के बाद पुरानी प्रबंध समिति बहाल हो गई है। यह दावा सिख समाज द्वारा संचालित दोनों विद्यालयों की प्रबंध समिति के अध्यक्ष परमजीत सिंह कोहली संटी और प्रबंधक गुरविंदर सिंह भसीन ने बृहस्पतिवार को बुलाई प्रेसवार्ता में किया। उन्होंने कहा कि कोर्ट के फैसले की प्रति विद्यालय के रिसीवर सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय को शुक्रवार को प्रदान की जाएगी।
जनता बैंक्वटहाल में बृहस्पतिवार को बुलाई प्रेसवार्ता में परमजीत सिंह कोहली और गुरविंदर सिंह भसीन ने कहा कि श्रीगुरुतेग बहादुर सीनियर सेकेंडरी स्कूल और खालसा नेशनल बालिका इंटर कालेज का संचालन विगत 50 वर्षों से सिख समाज द्वारा निर्वाचित एक प्रबंधक द्वारा किया जाता है। उन्होंने कहा कि 28 फरवरी 2015 को वीरेंद्र सिंह चड्डा ने अपने कुछ सहयोगियों के साथ मिलकर स्कूल परिसर में सभा बुलाई गई जिसमें 1400 सदस्यों के स्थान पर मात्र 125 सदस्यों की उपस्थिति में अपने आप को संस्था का अध्यक्ष घोषित कर दिया था एवं अन्य नाम आने पर माइक छीना झपटी कर अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश की गई। सभा में चुनाव का कोई एजेंडा नहीं था। इस सभा के खिलाफ संस्था के प्रबंधक गुरविंदर सिंह भसीन ने सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के न्यायालय में एक वाद दायर किया था जिसकी पैरवी अधिवक्ता सनप्रीत सिंघ अजमानी ने की। न्यायालय ने इस मामले में 10 जुलाई को फैसला सुनाते हुए 28 फरवरी 2015 की मीटिंग को अवैध करार दिया है। उन्होंने बताया कि न्यायालय द्वारा वीरेंद्र सिंह चड्डा एवं अन्य को आदेशित किया है कि वादी स्कूल के नये अध्यक्ष के विधिवत चुनाव तक वर्तमान अध्यक्ष एवं प्रबंध समिति के स्कूल प्रबंधन के कार्य में प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष एवं अन्य किसी प्रकार से व्यवधान उत्पन्न करने से बाज रहें। न्यायालय ने वादी गुरविंदर सिंह भसीन को संस्था का प्रबंधक माना है। उन्होंने कहा कि संस्था के चुनाव कराने के बारे में शीघ्र निर्णय लिया जाएगा। प्रेसवार्ता में नरेंद्र जीत सिंह कोहली, अमर जीत सिंह सेठी, सतवंत सिंह, जगजीत सिंह, गुरुचरण सिंह प्रिंस, जसपाल सिंह कोहली आदि भी मौजूद रहे।
कोर्ट ने वीरेंद्र सिंह चड्डा के चुनाव को अवैध करार दिया, हिदायत भी दी
रिसीवर सिटी मजिस्ट्रेट को आज सौंपेंगे कोर्ट के फैसले की प्रति