हल्द्वानी। बाजार में मांग के हिसाब से उत्तरांचल कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (यूसीडीएफ) अब अपने दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल करेगा। सहकारी दुग्ध संघ वैक्यूम पैक कर आंचल पनीर से निजी कंपनी के पनीर को टक्कर देगा। इसे एक माह के भीतर संघ बाजार में उतारेगा। शासन ने इसके लिए नैनीताल और देहरादून संघ को ढाई-ढाई लाख रुपये दिए हैं।
दुग्ध उत्पाद तैयार करने वाली निजी कंपनियां पनीर तैयार करने में न्यूमेटिक प्रेस मशीन लगाती है, जिससे पनीर की गुणवत्ता बेहतर रहती है। इससे पनीर के इस्तेमाल की अवधि बढ़ जाती है।
इसे देखते हुए यूसीडीएफ भी अपने पनीर की क्वालिटी सुधारने जा रहा है। इसके लिए शासन ने नैनीताल और देहरादून दुग्ध सहकारी संघ को ढाई-ढाई लाख रुपये दिए हैं। इन दोनों दुग्ध संघों में न्यूमेटिक प्रेस मशीन लगाई हैं। जल्द दोनों दुग्ध संघ में वैक्यूम पैक मशीन भी लगाई जाएगी।
यूसीडीएफ एक माह के भीतर बाजार में उतरेगा वैक्यूम पैक पनीर
शासन ने लालकुआं और देहरादून दुग्ध संघ को पांच लाख रुपये दिए
क्या है न्यूमेटिक प्रेस मशीन
न्यूमेटिक प्रेस मशीन एक निश्चित प्रेशर से पनीर को दबाता है। जिससे पनीर के अंदर की नमी निकल जाती है और उसकी गुणवत्ता बरकरार रहती है। मौजूदा समय में आंचल हस्त निर्मित पनीर तैयार करता है। इससे उसकी गुणवत्ता तुलनात्मक तौर पर बेहतर नहीं रहती।
वैक्यूम पैकिंग से ये होता है फायदा
आंचल ब्रांड के तहत मिलने वाला पनीर अभी साधारण पैकिंग में आता है, जिसकी गुणवत्ता सिर्फ दो दिन तक ही रह पाती है। वैक्यूम पैकिंग के माध्यम से पैकेट से हवा निकाल दी जाती है। इससे पनीर के इस्तेमाल करने की अवधि बढ़ जाती है।
शासन से पनीर के वैक्यूम पैक पैकिंग के लिए पांच लाख रुपये मिले हैं। लालकुआं और देहरादून दुग्ध संघ में पहले चरण में न्यूमेटिक प्रेस मशीन लगाई गई है। इसके बाद वैक्यूम पैक मशीन लगाई जाएगी।
संजय खेतवाल, एमडी, यूसीडीएफ