हल्द्वानी। कैलाश मानसरोवर यात्रियों का पहला जत्था दिल्ली से चलकर शनिवार को काठगोदाम स्थित कुमाऊं मंडल विकास निगम के पर्यटक आवास गृह पहुंचा। दोपहर भोजन के बाद यात्री दल यहां से बाबा के अगले पड़ाव के लिए रवाना हो गया। दूसरे दल में 11 महिलाओं समेत 57 यात्री शामिल हैं। उधर देर शाम यात्रियों का दल अल्मोड़ा पहुंच गया। काठगोदाम पर्यटक आवास गृह में छात्राओं ने कुमाऊंनी वेशभूषा में यात्रियों को तिलक लगाया और केएमवीएन के महाप्रबंधक त्रिलोक सिंह मर्तोलिया ने फूल माला पहनाकर यात्रियों का स्वागत किया। दूसरे यात्री दल के जनसंपर्क अधिकारी उमेश कुमार शुक्ला और गौतम कुमार हैं। यात्री दल में राजस्थान के भंवर सिंह नत्थावत और कर्नाटक के जीवन मनकार (दोनों 68 वर्ष) सबसे अधिक और गुजरात की चेरी पटेल (19) सबसे कम उम्र की यात्री हैं। दल में सबसे अधिक 11 यात्री गुजरात के हैं। यात्री दल में उत्तर प्रदेश से नौ, राजस्थान से आठ, आंध्र प्रदेश और दिल्ली से छह-छह, महाराष्ट्र से तीन, बिहार, चंडीगढ़, हरियाणा और मध्य प्रदेश से दो-दो, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, झारखंड, कर्नाटक, पंजाब और उत्तराखंड से एक-एक यात्री शामिल हैं।
11 महिलाओं समेत 57 यात्री हैं दल में, गुजरात से 11 यात्री
शिव की भक्ति में मिटा उम्र का फर्क : 19 साल की चेरी और 68 साल के जीवन और भंवर सिंह भी जत्थे में
‘ऊं नम: शिवाय’ की धुन पर जमकर थिरके यात्री
हल्द्वानी। पर्यटक आवास गृह काठगोदाम में कैलाश मानसरोवर यात्रियों के स्वागत में स्थानीय छात्राओं ने भगवान शिव आराधना के भजन पेश किए। भजन सुनकर यात्री भावविभोर हो गए और ‘ऊं नम: शिवाय’ भजन की धुन पर जमकर थिरके।
यात्रा के एक दिन पहले बना पासपोर्ट
हल्द्वानी। राजस्थान के ललित कुमार राठौर और उनकी पत्नी कांता साहू पहली बार कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जा रहे हैं। ललित कुमार साहू कहते हैं कि उन्होंने कैलाश यात्रा के लिए आवेदन तो किया था लेकिन यात्रा के लिए चयनित होने के बावजूद एक दिन पहले तक उनका पासपोर्ट नहीं बना था। आखिरी दिन पासपोर्ट बना तो यात्रा संभव हो पाई।
माता-पिता ने भी की है यात्रा
हल्द्वानी। अहमदाबाद की चेरी पटेल सबसे कम उम्र की यात्री हैं। उनका कहना है कि पहले माता-पिता कैलाश मानसरोवर की यात्रा कर चुके हैं। उन्होंने ही कैलाश यात्रा पर जाने की सलाह दी। पहली बार आवेदन किया और चयन हो गया। कैलाश दर्शन के लिए चयन होने पर बहुत खुशी हो रही है।
प्रभु इच्छा से हो रही यात्रा
हल्द्वानी। नोएडा (उत्तरप्रदेश) के सुनील कुमार का कहना है कि इस बार प्रभु की इच्छा हुई और आवेदन किया। पहली बार में ही कैलाश मानसरोवर की यात्रा के लिए चयनित होने पर खुशी हो रही है।
भगवान के दर्शन की इच्छा थी
हल्द्वानी। सीतामढ़ी (बिहार) के राम केदार राय ने कहा कि भगवान भोले के दर्शनों की बड़ी इच्छा थी। कैलाश यात्रा पर जाने का पहले से मन बनाया था।
देहरादून के नवीन भी हैं यात्रा पर
हल्द्वानी। देहरादून के नवीन कुमार शर्मा भी कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जा रहे हैं। शिक्षक नवीन कहते हैं कि इसे देखने की इच्छा बचपन से ही थी। कैलाश मानसरोवर यात्रा का विज्ञापन देखा और ऑनलाइन आवेदन कर दिया।
कैलाश यात्रियों का पहला दल नाभी पहुंचा
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। कैलाश मानसरोवर यात्रियों का 59 सदस्यीय पहला दल नाभी पहुंच गया है। कैलाश यात्री पहली बार नाभी गांव में एक रात विश्राम करेंगे। आईटीबीपी मिर्थी के कैलाश यात्रा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार नाभी गांव में यात्रियों का पहला दल रं संस्कृति से रूबरू हुआ। इस बार नाभी और कालापानी को पड़ाव के रूप में विकसित किया गया है। रविवार को गुंजी में आईटीबीपी के चिकित्सकों की यात्रियों का मेडिकल परीक्षण करेगी। दल के सभी सदस्य स्वस्थ है।