हल्द्वानी। एक अप्रैल से शुरू हो रहे नए सत्र में बाजार मूल्य से अधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य रहने के अनुमान के आधार पर बेहतर गेहूं खरीद की उम्मीद है। हालांकि अभी तक नया न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित नहीं किया गया है।
पिछले सालों की गेहूं खरीद में सरकारी विभागों के लिए खरीद का लक्ष्य पूरा करना मुश्किल होता था। कारण यह भी था कि बाजार मूल्य भी न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक रहता आया है और इस कारण किसान सरकारी क्रय एजेंसियों की बजाय खुले बाजार में गेहूं ले जाना पसंद करते थे। इस बार बाजार में गेहूं करीब 1540 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बिक रहा है। अनुमान है कि इस बार न्यूनतम समर्थन मूल्य 1740 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास रहेगा।
हालांकि अभी तक सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित नहीं किया है। इस बार केंद्र सरकार ने उत्पादन लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करने का ऐलान किया हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक अभी तक न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित नहीं हो पाया है। एक अप्रैल से खरीद शुरू होने पर 1740 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य के आधार पर खरीद की जाएगी।
बाजार मूल्य से अधिक रह सकता है इस बार गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य
बाजार मूल्य अधिक होने से सरकार की खरीद रहती आई है न के बराबर
अभी जारी नहीं हुई नई खरीद नीति
खरीद भले ही एक अप्रैल से शुरू हो रही हो लेकिन अभी तक नई खरीद नीति जारी नहीं हुई है। एक दो दिन में यह नीति जारी होने की उम्मीद है। फिलहाल एक अप्रैल से खरीद शुरू करने के लिए तैयारी की जा रही है।
खरीद का लक्ष्य और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर नई नीति के तहत फैसला होगा। इस बार न्यूनतम समर्थन मूल्य 1740 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास रहने का अनुमान है। यह बाजार मूल्य से अधिक ही है।
-ललित मोहन रयाल, संभागीय खाद्य नियंत्रक, कुमाऊं