हल्द्वानी। कुमाऊं में बर्न यूनिट नहीं है और केंद्र सरकार की बर्न यूनिट की परियोजना अभी तक कागजों में सिमटी हुई है। जले मरीजों के जख्मों का निदान भले ही न हो पा रहा हो अगर व्यवस्था उस पर नमक जरूर छिड़क रही है। राज्य सरकार को बजट में दून और अल्मोड़ा मेडिकल कालेज की सुध तो आई मगर कुमाऊं के सबसे बड़े राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी और सुशीला तिवारी अस्पताल के लिए कुछ भी नहीं कहा गया।
केंद्र सरकार ने सुशीला तिवारी अस्पताल में बर्न यूनिट बनाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी थी। तीन वर्षों की लंबी प्रक्रिया के बाद 27 मई 2017 को केंद्र और राज्य सरकार के बीच समझौता हुआ था। लगभग साढे़ छह करोड़ रुपये की योजना को सहमति मिली और केंद्र सरकार ने साढेे़ तीन करोड़ रुपये राज्य सरकार को जारी कर दिए थे। लेकिन राज्य सरकार की हीलाहवाली के चलते बजट आवंटित नहीं हुआ। सात दिसंबर को गैरसैंण में विधानसभा सत्र में सरकार ने छह करोड़ 57 लाख रुपये की व्यवस्था कर दी थी। राजकीय मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने बताया कि बर्न यूनिट के लिए दस पद स्वीकृति किए जाने हैं। यूनिट के लिए कार्यदायी संस्था नामित होनी है। उसका प्रस्ताव शासन को भेज रखा है। अब बर्न यूनिट का बजट अगले वित्तीय वर्ष के बजट में रख रहे हैं। योजना कब परवान चढ़ेगी यह समय ही बताएगा।
बर्न यूनिट भी कागजों में सिमटी
छह करोड़ तीस लाख के प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार जारी कर चुकी है साढ़े तीन करोड़ की राशि
राज्य ने एक पैसा भी नहीं दिया, बजट में भी हुई एसटीएच की उपेक्षा