उच्च न्यायालय नैनीताल ने एनएच-74 पर टोल टैक्स वसूली के मामले में दायर जनहित याचिका में जांच के लिए कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किये है। कोर्ट ने गठित तीन सदस्यीय कमेटी को 10 जनवरी तक जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति बीके बिष्ट और न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की खंडपीठ ने ये आदेश जारी किए हैं। बृहस्पतिवार को मामले की सुनवाई में खंडपीठ ने उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता बीसी पांडे की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। काशीपुर-किच्छा से लेकर बरेली रोड तक के 77 किमी लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग का मुआयना यह कमेटी करेगी। कमेटी सात जनवरी 2018 को राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 74 का मुआयना करेगी और दस जनवरी को खंडपीठ के समक्ष अपनी रिपोर्ट रखेगी। खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता के अलावा उनके अधिवक्ता और प्रभावित ग्रामीण भी इस टीम को जानकारी दे सकते हैं। किच्छा निवासी अजय तिवारी की जनहित याचिका पर यह सुनवाई हुई। याची का कहना था कि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 74 का निर्माण पूरा नहीं हुआ है। बावजूद इसके राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से निजी कंपनी को टोल टैक्स वसूलने की जिम्मेदारी दे दी गयी। कंपनी ने टोल वसूलना शुरू कर दिया है। राजमार्ग पर पूरी तरह से कार्य पूरा हुए बिना टोल टैक्स वसूलना गलत है और नियम विरुद्घ है। याचिकाकर्ता की ओर से एनएच पर काम पूरे होने तक ऊधमसिंह नगर के लोगों को टोल टैक्स से वंचित करने की मांग की गई।