हल्द्वानी। पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षित यातायात के लिए सरकार और स्वयं सेवी संस्थाओं की ओर से कई अभियान चलते हैं लेकिन युवाओं की एक टोली इसे अलग अंदाज में कर रही है। साइकिल सवार युवा शहर को साफ सुथरा रखने, ट्रैफिक के साथ-साथ लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का बीड़ा उठा रहे हैं। अपनी टोली को उन्होंने फ्लाइंग राइडर क्लब हल्द्वानी नाम दिया है। युवाओं की यह टोली सुबह सबेरे साइकिलों पर सवार होकर अपने अभियान में निकल पड़ती है और लोगों को जागरूक करती है।
हल्द्वानी के वैशाली कॉलोनी में रहने वाले रघुवीर सिंह कालाकोटी ने 2012 में इस क्लब को नींव रखी। आज उनकी टीम में पहाड़ से कई लोग जुड़ चुके हैं। जगह-जगह लगने वाले जाम, धुआं, धूल, कूड़े के ढेर और लोगों का लगातार गिरता स्वास्थ्य देख 2008 में एसबीआई की नौकरी छोड़कर अभियान शुरू करने वाले रघुवीर सिंह कहते हैं लोगों ने उनके अभियान को हाथों-हाथ लिया। विदेशों में लोग साइक्लिंग को ज्यादा महत्व देते हैं जिससे वहां यातायात और प्रदूषण की समस्या कम है। इसी उद्देश्य के साथ राज्य में अपनी टीम गठित कर उन्होंने लोगों को जागरूक करने की ठानी और कई कार्यक्रम करवाए। वे भारत सीमा सुरक्षा बल, नेपाल के अधिकारियों और नागरिकों के साथ मिलकर भी कई कार्यक्रम करवा चुके हैं। उन्हें फायर फॉक्स साइकिल की तरफ से तीन बार सम्मानित किया जा चुका है। क्लब पूरे कुमाऊं से 250 लोग जुडे हुए हैं।
ये कर रहे हैं
पर्यावरण के लिए : अपने साथ तुलसी और अन्य फलदार पेड़ों के बीज ले जाते हैं जिन्हें सड़क किनारे रोप दिया जाता है,। हल्द्वानी से पिथौरागढ़ तक कई जगह पौधरोपण कार्यक्रम चलाते आ रहे हैं। अपने साथ जंगल ट्रैक पर जाते वक्त वाकिं ग स्टिक की मदद से समुह का प्रत्येक सदस्य जमीन पर एक छेद करते हुए चलता है ताकि पेड़ों से गिरने वाले या हवा के साथ उडे़ बीज जब इन छेदों पर समा जाएं तो एक नया पौधा जम जाए।
यातायात के लिए : ज्यादा से ज्यादा लोगों को साइकिल, इलेक्ट्रिक बाइक इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करने के साथ, पेट्रोल ,डीजल कम खर्च हो इसके लिए हर उम्र के नागरिक के साथ कार्यशाला का आयोजन करते हैं।
स्वास्थ्य के लिए : जो लोग घर से कार्यालय कार या दोपहिया वाहन से जाते हैं और दिन भर बैठकर अपना वजन बढ़ाते चले जाते हैं। महिलाएं भी घरों में ही कैद हो जाती हैं। उन्हें स्वास्थ्य के प्रति सचेत करते हुए साइकिल चलाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।