हल्द्वानी। अपनी नदी को पुनर्जीवित करने की कोशिश में अब गगास जल संग्रहण क्षेत्र के विभिन्न गांवों के अलग-अलग वर्ग भी खुलकर सामने आ रहे हैं। कैड़ारो घाटी खेल एवं सांस्कृतिक मंच के सदस्य युवाओं ने भटकोट क्षेत्र में चार खाल (खाव) बनाए और कुछ पुराने खालों को संवारा। यह दूसरा मौका है जब इन युवाओं ने अपने पुराने खावों को संवारने का काम किया है। शनिवार को अब भतौरा की महिलाएं और गांव के अन्य लोग गगास नदी के उद्गम क्षेत्र में ही खावों को सुधारने का काम करेंगे।
कैड़ारो घाटी खेल एवं सांस्कृतिक मंच ने भटकोट में स्थित मंदिर में पौधे लगाए और आसपास के क्षेत्र में चार खाव बनाए। अल्मोड़ा में गगास के जल संग्रहण वाले भटकोट क्षेत्र में एक बड़ा एक्यूफर है। गगास सहित 11 अन्य नदियों का उद्गम भी इसी एक्यूफर से है। एक्यूफर का जल स्तर कम होने के कारण ये नदियां अपने उद्गम क्षेत्र में सूख रही हैं। यह पाया गया कि अधिक से अधिक खाव बनाकर और बारिश के पानी को रोक कर एक्यूफर का जल स्तर बढ़ाया जा सकता है। इसी के तहत इन युवाओं ने भटकोट के ऊंचाई वाले क्षेत्र में पहुंचकर चार नए खाव बनाए और यहां के पुराने खावों को सुधारा। युवाओं ने इस काम को ऐसे समय में अंजाम दिया, जिस समय यहां पहुंचना बेहद मुश्किल होता है। मंच के ललित कैड़ा, योगेश कैड़ा, मंजीत चौधरी, देवेंद्र बिष्ट, गोपाल रावत, पप्पू बिष्ट आदि शामिल थे। इसी तरह अब शनिवार को भतौरा के महिला मंगल दल ने गांव के आसपास के करीब आधा दर्जन पुराने खावों को सुधारने का बीड़ा उठाया है। भतौरा की पार्वती देवी के मुताबिक महिलाएं एकजुट होकर इस काम को अंजाम देगी।
भटकोट में युवाओं ने चार नए खाव बनाए
पुराने खावों को भी सुधारा, आज भतौरा का महिला मंगल दल सुधारेगा पुराने खावों को
बारिश के मौसम में भटकोट पहुंचे युवा