रामनगर (नैनीताल)। कार्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) में पर्यटन शुल्क बढ़ाने पर क्षेत्रवासियों ने नाराजगी जताई है। महंगाई के विरोध में विभिन्न जनसंगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने शनिवार को एसडीओ बिजरानी शिवराज चंद के माध्यम से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। इसमें ग्रामीणों पर लगाए गए फर्जी मुकदमे भी वापस लेने की मांग की गई। अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी।
उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रभात ध्यानी के नेतृत्व में लोग शनिवार को सीटीआर कार्यालय पहुंचे। जनसंगठनों से जुड़े लोगों ने एसडीओ के समक्ष रोष व्यक्त किया। कहा कि मनमाने जनविरोधी फैसले लेकर पार्क प्रशासन, वन विभाग आम लोगों को परेशान कर रहा है। पार्क में घूमने के लिए शुल्क बढ़ाकर आम लोगों के लिए पार्क भ्रमण के रास्ते बंद कर रहा है। इसके खिलाफ एसडीओ को ज्ञापन सौंपा। इसमें कंडी सड़क को आम यातायात के लिए खोलने, इको सेंसेटिव जोन की प्रक्रिया रद्द करने, जंगली जानवरों से सुरक्षा, बकाया मुआवजा दिलाने, रेवाधर भट्ट, नंदराम पर लगे फर्जी मुकदमेे, पर्यटन शुल्क में वृद्धि वापस लेने, पार्क के पर्यटन जोन में जाने वाले वाहनों की संख्या प्रति पाली 30 से बढ़ाकर 50 करने की मांग की गई। इनमें देवभूमि विकास मंच के संयोजक मनमोहन अग्रवाल, इको सेेंसेटिव जोन विरोधी संघर्ष समिति के संयोजक ललित उप्रेती, सहसंयोजक महेश जोशी, इंकलाबी मजदूर केंद्र के पंकज, पछासं के रवि, उपपा के ब्लॉक संयोजक गोपाल असनोड़ा, हीरा सिंह रावत, महेश चंद्र चौनाल, प्रेम पपनै, लालमणि आदि थे।
ग्रामीणों पर लगे मुकदमे वापस लेने की मांग
एसडीओ के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा