नैनीताल। उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ता को 10 लाख पांच हजार रुपये वापस करने के आदेश राजकीय मेडिकल कालेज हल्द्वानी को दिए हैं।
वरिष्ठ न्यायमूर्ति राजीव शर्मा की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। दिल्ली निवासी दीपाली गुप्ता ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा था कि उसका प्रवेश राष्ट्रीय स्तर के कोटे से मेडिकल कालेज हल्द्वानी में हुआ था। उस समय उनसे ट्यूशन फीस के लिए दो लाख 20 हजार रुपये लिए गए थे। इसी कोटे के अभ्यर्थियों से मात्र 15 हजार रुपये ट्यूशन फीस ली गयी। कुछ समय बाद स्वास्थ्य खराब हो जाने के कारण उसे कोर्स छोड़ना पड़ा। कालेज से अपने मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र वापस मांगे तो कालेज ने उन्हें वापस करने के बदले उनसे आठ लाख रुपये की एफडी जमा कराई। एकलपीठ ने मेडिकल कालेज को आदेशित किया है कि वह याचिकाकर्ता को दो लाख पांच हजार रुपये ट्यूशन फीस और आठ लाख की एफडी तीन सप्ताह में वापस करें।