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कॉर्बेट पार्क के झिरना रेंज में यूपी व प्रदेश के वनाधिकारियों की हुई संयुक्त बैठक

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कॉर्बेट नेशनल पार्क बारिश के दिनों में बंद कर दिया जाता है। - फोटो : अमरउजाला
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रामनगर (नैनीताल)। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) के झिरना रेंज में शुक्रवार को उत्तराखंड समेत यूपी के अधिकारियों की संयुक्त बैठक हुई। इसमें तय हुआ कि कॉर्बेट लैंडस्केप में संयुक्त गश्त होगी। वनाधिकारी सीमा विवाद में नहीं उलझेंगे। हर प्रभाग में मानव वन्यजीव संघर्ष रोकने में कॉर्बेट प्रशासन मददगार बनेगा।
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मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक डॉ. डीवीएस खाती की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में रामनगर, हल्द्वानी, कालागढ़, लैंसडौन, यूपी के बिजनौर, नजीबाबाद के अधिकारियों ने कई सुझाव दिए। बैठक में संयुक्त गश्त, एकजुट होकर काम करने का संकल्प लिया गया। वन्यजीवों की सुरक्षा सबकी प्राथमिकता होगी। कहीं भी शिकार की सूचना मिलेगी तो उस पर अपने स्तर से कार्रवाई के बाद संबंधित प्रभाग को मामला सौंपा जाएगा। अपने मुखबिर तंत्र की सूचना भी साझा की जाएगी। बताया गया कि घायल वन्यजीव को बेहोश करने से लेकर उपचार तक में सीटीआर प्रशासन मदद करेगा। किसी भी प्रभाग में वन्यजीव मानव संघर्ष होगा तो सीटीआर प्रशासन डॉक्टर समेत अन्य जरूरी सुविधाएं दिलाएगा। डॉ. खाती ने कहा कि जिन प्रभागों में संसाधनों के साथ अन्य कोई कमी है, तो उसका वह तुरंत आगणन भेजें, ताकि समय रहते समस्या का समाधान हो सके। अंतर राज्यीय, अंतर प्रभागीय गश्तों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। संयुक्त गश्त भी होगी। बैठक में मुख्य वन संरक्षक कपिल जोशी, मुख्य वन्य संरक्षक ईको टूरिज्म जीएस पांडे, सीटीआर के निदेशक सुरेंद्र मेहरा, उपनिदेशक अमित वर्मा, डीएफओ रामनगर डिविजन नेहा वर्मा, तराई पश्चिमी डीके सिंह, तराई केंद्रीय की कल्याणी, हल्द्वानी वन प्रभाग के चंद्रशेखर सनवाल, कालागढ़ के एके त्रिपाठी, लैंसडौन के संत राम, बिजनौर की डॉ. सिमरन, नजीबाबाद के एसडीओ अखिलेश चंद्र मिश्र आदि थे।
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अब वनाधिकारी सीमा विवाद में नहीं उलझेंगे
हर प्रभाग में मानव वन्यजीव संघर्ष रोकने में मददगार बनेगा कॉर्बेट प्रशासन
कॉर्बेट पार्क के झिरना रेंज में यूपी, प्रदेश के वनाधिकारियों की संयुक्त बैठक
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