सितारगंज। राज्य सरकार द्वारा चीनी मिल को पीपीपी मोड में देने के निर्णय के खिलाफ किसानों का आंदोलन जारी है। दूसरे दिन भी गन्ना समिति में किसानों ने बेमियादी धरना दिया। कांग्रेसियों ने धरनास्थल पहुंचकर किसानों की मांग का समर्थन किया। सीटू जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह ने कहा कि सितारगंज चीनी मिल के गन्ना क्षेत्र को बाजपुर, किच्छा और बहेड़ी चीनी मिल से तो जोड़ दिया गया, लेकिन गन्ने का इंडेंट कम हो गया है। कहा कि वहां की मिलें यहां के किसानों का दस फीसदी गन्ना भी नहीं खरीद रही हैं।
मंगलवार को दूसरे दिन भी लघु एवं सीमांत किसान संघर्ष समिति और सेंट्रल इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) के बैनर तले किसानों ने बेमियादी धरना शुरू कर दिया। दूसरे दिन प्राण सुख, प्यारा सिंह, लखविंदर सिंह, सतवंत सिंह, अब्दुल मजीद 24 घंटे के लिए धरने पर बैठे। कहा कि बाहरी चीनी मिलें यहां के किसानों का गन्ना नहीं खरीद रही हैं।
मिल चालू नहीं होने से किसान परेशान हैं। पूर्व दर्जा राज्यमंत्री रामनगीना प्रसाद व कांग्रेस नगराध्यक्ष मुश्ताक अहमद ने कार्यकर्ताओं के साथ धरनास्थल पहुंचकर किसानों की मांग का समर्थन किया। कांग्रेस के शासनकाल में लगाई गई चीनी मिल को भाजपा ने सत्ता में आते ही बंद कर दिया। कहा कि सरकार के इस जनविरोधी फैसले को बर्दास्त नहीं किया जाएगा। वहां पर बूटा सिंह, टीकाराम, तिलक धारी, जगतार सिंह, निर्माण सिंह, कर्ण सिंह, दर्शन सिंह बलविंदर सिंह आदि थे।