नैनीताल। प्रदेश के स्वास्थ्य और शहरी विकास सचिव नितेश झा ने स्वीकार किया है कि प्रदेश में डॉक्टरों की कमी है। इस कारण मरीजों को परेशानी हो रही है। 2700 डॉक्टरों के सापेक्ष एक हजार डॉक्टर ही तैनात हैं। इस कमी को देखते हुए तत्काल प्रभाव से डॉक्टरों की स्वैच्छिक सेवानिवृत्त (वीआरएस) पर भी रोक लगा दी गई है। शासन की ओर से 172 दंत चिकित्सकों की नियुक्ति कर दी गई है। जल्द ही इनकी तैनाती हो जाएगी।
सोमवार को नैनीताल में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रदेश में एकमात्र हृदयरोग विशेषज्ञ के रूप में डॉ. केडी जोशी देहरादून में तैनात हैं जो अपने आप में गंभीर मुद्दा है। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को पूरा करने के लिए भी शासन, महकमा गंभीर है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए 22 नवंबर से निदेशालय स्तर पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है इसके लिए साक्षात्कार शुरू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बागेश्वर के जिला अस्पताल, ट्रॉमा सेंटर में चिकित्सकों की कमी को दूर करने के प्रयास हो रहे हैं। बागेश्वर में ब्लड बैंक स्टोरेज सेंटर है जबकि ब्लड बैंक खोलने के लिए केंद्र सरकार से आवेदन किया गया है।
डॉक्टरों की कमी के कारण वीआरएस पर रोक, कल से निदेशालय स्तर पर होंगे साक्षात्कार
कैच वर्ड : स्वास्थ्य और शहरी विकास सचिव नितेश झा की प्रेस वार्ता
निकायों के आवासों में कब्जा जमाए लोगों को हटाया जाएगा
नैनीताल। सचिव ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों के बाद नैनीताल सहित प्रदेश के अन्य निकायों के आवासों में अनाधिकृत रूप से रह रहे लोगों को हटाने के लिए कोर्ट के निर्देशों का अध्ययन किया जा रहा है। कब्जा जमाए लोगों को पालिका आवासों से हर हाल में हटाया जाएगा। इस मामले को लेकर सरकार के साथ ही शहरी विकास विभाग भी गंभीर है।