गरुड़ (बागेश्वर)। पंद्रह साल पूर्व स्वीकृत मोटर पुल का निर्माण कार्य शुरू न होने से पूर्व सूबेदार मेजर रंजीत सिंह थायत ने 18 नवंबर को बागेश्वर में सीएम पंडाल के सामने आमरण अनशन पर बैठने का निर्णय लिया है।
पुरुड़ा गांव निवासी और स्वर्गीय पर्वतीय विकास मंत्री सोबन सिंह जीना के साथी पूर्व सूबेदार मेजर थायत (73) ने डीएम और मंडलायुक्त को भेजे पत्र में कहा है कि पुरुड़ा से ब्लॉक मुख्यालय को जोड़ने के लिए मोटर पुल के निर्माण की स्वीकृति पंद्रह साल पूर्व मिल गई थी। पुल निर्माण न होने, पुरुड़ा गांव के सड़क निर्माण और डामरीकरण के लिए धन सीधे ग्राम पंचायत को अवमुक्त करने के संबंध में कई बार विधायक और सांसद से कहा गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।