नैनीताल। उच्च न्यायालय ने ग्राम प्रहरियों को न्यूनतम वेेतन देने के मामले में सरकार को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति मनोज तिवारी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। पिथौरागढ़ निवासी प्रकाश सिंह व अन्य ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा था कि उनकी नियुक्ति ग्राम प्रहरी के रूप में 2005 में हुई थी। उन्हें सरकार की ओर से 1200 सौ रुपये प्रतिमाह अल्प वेतन दिया जाता है। उनकी नियुक्ति ग्राम सभा में कानून व्यवस्था को बनाए रखने और राजस्व पुलिस की सहायता करने को की गई है। सरकार जो 1200 रुपये प्रतिमाह अल्प पारिश्रमिक दे रही है, उससे उनका और परिवार का भरण पोषण नहीं हो पाता है। अल्प वेतन सम्मानजनक जीवनयापन करने के लिए पर्याप्त नहीं है, साथ ही यह संविधान के अनुच्छेद 21 और 23 का उल्लंघन है। इसलिए न्यूनतम वेतन दिलाया जाए। पक्षों की सुनवाई के बाद पीठ ने सरकार को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।