नैनीताल। उच्च न्यायालय ने देहरादून के महाराणा प्रताप खेल महाविद्यालय के संविदा खेल प्रशिक्षकों के मामले में अंतरिम आदेश जारी कर सरकार को संविदा खेल प्रशिक्षकों को नियमित प्रशिक्षकों की ही तरह वेतन देने को कहा है।
न्यायमूर्ति मनोज तिवारी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। महाराणा प्रताप खेल महाविद्यालय के संविदा खेल प्रशिक्षकों की ओर से याचिका दायर कर कहा गया था कि वे नियमित कर्मचारी की ही तरह ही काम करते हैं। इसके बावजूद सरकार वेतन में भेदभाव कर रही है। संस्थान में प्रशिक्षक विभिन्न खेलों से जुड़े प्रशिक्षण देते हैं, जिनमें क्रिकेट, हाकी, एथलेटिक्स जैसे खेल शामिल हैं। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि उनको नियमित किया जाए और नियमित वेतन भी दिया जाए। पीठ ने सरकार को संविदा खेल प्रशिक्षकों को भी नियमित खेल प्रशिक्षकों के समान वेतन देने का आदेश दिया है।