रामनगर (नैनीताल)। पीएनजीपीजी कॉलेज में ठगी का शिकार हुए 33 विद्यार्थियों को कॉलेज में प्रवेश मिल सकेगा। इसके लिए बच्चों को 14 अक्तूबर तक शुल्क जमा करना होगा।
छात्रसंघ चुनाव के दिन रविवार को कई विद्यार्थी मतदान से इस कारण वंचित रह गए थे, क्योंकि उनके परिचय पत्र फर्जी थे। जांच में पता चला था कि नटवरलाल ने विद्यार्थियों की फीस बैंक में जमा नहीं करवाई और फर्जीवाड़ा कर शुल्क रसीद की प्रति और परिचय पत्र बच्चों को सौंप दिए थे। बुधवार को कॉलेज की प्राचार्या डॉ. हेमा प्रसाद ने बताया कि बैंक से सत्यापन कराने पर बीए पहले सेमेस्टर के 17, बीए तीसरे वर्ष के सात, पीजी डिप्लोमा योग के दो, एमए पहले सेमेस्टर के तीन, बीएससी तीसरे वर्ष के दो, बीकॉम पहले और द्वितीय सेमेस्टर के 1-1 विद्यार्थी की शुल्क रसीद पर बैंक अधिकारी की लिखावट और हस्ताक्षर विवादित पाए गए हैं। इसके अलावा तीन परिचय पत्र फर्जी पाए गए हैं। डॉ. प्रसाद ने बताया कि विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन प्रवेशार्थियों को जिनके कि प्रवेश आवेदन पत्र प्रवेश समिति की ओर से संस्तुत किए जा चुके हैं और जिन्होंने व्यक्तिगत रूप से शुल्क जमा नहीं किया है उन्हें शुल्क जमा करने का मौका दिया जा रहा है। ऐसे विद्यार्थियों को प्रवेश शुल्क जमा करने संबंधी प्रार्थना पत्र 14 अक्तूबर तक कॉलेज कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से जमा कराना होगा। प्रार्थना पत्र में प्रवेशार्थी को पूरा पता, मोबाइल नंबर भी अंकित करना होगा।