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फूंक-फूंक कर कदम बढ़ा रहा है डीएसबी परिसर प्रशासन

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नैनीताल। डीएसबी परिसर प्रशासन छात्र संघ चुनाव 2016 में हुए बवाल से सबक लेते हुए इस बार फूंक-फूंक कर कदम बढ़ा रहा है। राजनीतिक दलों की दखलंदाजी से इस बार परिसर में हालत न बिगड़ें इसके लिए पुलिस प्रशासन की मदद से चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है।
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डीएसबी के छात्र संघ चुनाव के इतिहास में पहली मर्तबा सात अक्तूबर 2016 को कांग्रेस और भाजपा का छात्रों पर प्रभाव व चुनाव में उनकी भारी दखलंदाजी से जमकर बवाल हो गया था। बवाल के चलते हर वर्ष शाम चार बजे तक घोषित होने वाला चुनाव परिणाम 2016 में देर रात 1:30 बजे घोषित हो सका था। बवाल का कारण छात्र संघ चुनाव के मतदान के बाद परिसर में एक बैलेट पेपर बना था। इसको लेकर एबीवीपी और एनएसयूआई समर्थक भड़क गए। उन्होंने परिसर निदेशक और चुनाव अधिकारी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जमकर हंगामा किया और एक सौ से अधिक शिक्षकों को दो घंटे तक बंधक बना लिया था। एक धड़ा मतगणना कराने और दूसरा चुनाव निरस्त कराने की मांग कर रहा था। एबीवीपी समर्थकों ने आत्मदाह की धमकी तक दे दी थी। इस दौरान चुनाव अधिकारी की तबियत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा था। कांग्रेस विधायक और भाजपा नेता आमने-सामने आ गए थे। डीएम की मौजूदगी में रात आठ बजे मतगणना शुरू हो सकी थी। परिणाम घोषित होने के बाद देर रात डीएसडब्लू ने विजेताओं को शपथ दिलाई थी।

छात्रसंघ चुनेंगे 5,485 मतदाता
नैनीताल। निर्वाचन अधिकारी प्रो. अतुल जोशी के मुताबिक छात्र संघ चुनाव में अबकी बार 5,485 मतदाता मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदान के लिए परिसर में 16 बूथ बनाए गए हैं। सबसे अधिक 593 मतदाता बूथ नंबर तीन पीएलटी में और सबसे कम 249 मतदाता बूथ नंबर 8 भौतिकी विभाग एमएससी व्याख्यान कक्ष संख्या एक में मतदान करेंगे। 2016 में 5,351 मतदाताओं में से 2,933 मतदाताओं ने वोट दिया था। ब्यूरो
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छात्रसंघ चुनाव के दौरान अराजकता न हो इसके लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह पूरी तरह तैयार है। आम सभा और मतदान के दिन के लिए पूरी फोर्स की तैनाती परिसर में रहेगी। इसके लिए सीओ विजय थापा, मल्लीताल कोतवाल विपिन चंद्र पंत और तल्लीताल थाना प्रभारी प्रमोद पाठक को व्यवस्थाओं पर पैनी निगाह रखने के निर्देश दे दिए हैं। - हरीश चंद्र सती, एएसपी नैनीताल।

परिसर प्रशासन पूरी तरह से सर्तक है। किसी भी दशा में 2016 जैसी घटना की पुर्नरावृत्ति नहीं होने दी जाएगी। चुनाव संबंधी हर काम पारदर्शिता से पुलिस प्रशासन को साथ लेकर किया जा रहा है, जिससे कोई आरोप न लगा सके। - प्रो. एसपीएस मेहता, निदेशक, डीएसबी परिसर।

शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने को परिसर और पुलिस प्रशासन की मदद से चुनाव में वीडियोग्राफी कराई जा रही है। अराजकता की स्थिति में बिना पहचान पत्र वाले छात्रों पर कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। आम सभा और चुनाव के दिन बिना परिचय पत्र वाले विद्यार्थी परिसर में प्रवेश नहीं पा सकेंगे। - प्रो. कैप्टन एचसीएस बिष्ट, चीफ प्रॉक्टर, डीएसबी परिसर।
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