सितारगंज। सिडकुल की एएनजी कंपनी के खिलाफ दिवालिया समायोजन नोटिस जारी होने की सूचना से श्रमिकों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर गेट पर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कंपनी बंद होने से 204 श्रमिक और 35 कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे। चेतावनी दी कि जब तक कंपनी प्रबंधन द्वारा श्रमिकों को रोजगार नहीं दिलाया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
सोमवार को एएनजी फैक्ट्री के खिलाफ नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल कोर्ट (एनसीएलटी कोर्ट) से दिवालिया समायोजन का नोटिस जारी हुआ। कंपनी के श्रमिकों की इसकी सूचना मिली तो वह फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन कर गेट पर धरने पर बैठ गए। श्रमिकों ने बताया कि फैक्ट्री द्वारा अशोका लीलैंड रुद्रपुर के लिए टिपर बॉडी का उत्पादन किया जाता है। इसके लिए एएनजी में स्थानीय के अलावा यूपी, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश के 154 श्रमिक और अशोका लीलैंड में 50 श्रमिक काम कर रहे हैं, जिन्हें प्रति माह करीब 42 लाख रुपये तनख्वाह दी जाती है।
इसके अलावा फैक्ट्री में प्रबंधन के 35 अधिकारी और कर्मचारी कार्यरत हैं। बताया कि बीते अगस्त से फैक्ट्री में उत्पादन बंद है। इसके अलावा 28 अगस्त को पांच दिन के लिए सभी श्रमिकों की छुट्टी कर दी गई। छुट्टी के बाद सोमवार चार सितंबर को सुबह 8:30 बजे जब वह फैक्ट्री में ड्यूटी करने पहुंचे तो फैक्ट्री प्रबंधन के अधिकारी व कर्मचारी गायब थे।
सूचना मिली कि फैक्ट्री के खिलाफ दिवालिया समायोजन नोटिस जारी हुआ है और अब एमडी प्रेमजीत सिंह चड्डा कंपनी के मालिक नहीं हैं। श्रमिकों ने बताया कि उन्हें अगस्त का वेतन भी नहीं दिया गया है। उन्होंने फैक्ट्री प्रबंधन से रोजगार दिलाने या फिर पीएफ, वेतन, नोटिस पे, ग्रेच्युटी और बोनस देने की मांग की। चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
इस दौरान मो. नफीस, योगेंद्र सिंह, प्रेम कुमार पंडित, फरियाद अहमद, त्रिभुवन पांडे, मोहसिन खान, सुखविंदर सिंह, चंद्रेश, परमजीत सिंह, माखन लाल मौर्य, संजय शाह, संजीव कुमार, कमलेश कुमार, राजेश बाला, वीरू सिंह, पलविंदर सिंह, सतनाम सिंह आदि थे।
फैक्ट्री अभी दिवालिया घोषित नहीं हुई है। 14 सितंबर तक बैंकों के प्रतिनिधि द्वारा ऑडिट किया जाना है। अगर फैक्ट्री चलती है तो श्रमिकों को काम दिया जाएगा। फैक्ट्री बंद हुई तो श्रमिकों को उनका वेतन, पीएफ, ग्रेच्युटी आदि का भुगतान किया जाएगा।
- राजन शर्मा, जीएम, एएनजी इंडस्ट्रीज, सितारगंज, यूएस नगर।
सौ करोड़ के कर्ज में चल रही है एएनजी फैक्ट्री
सितारगंज। सिडकुल की एएनजी फैक्ट्री पर बैंकों का करोड़ों का कर्ज है। फैक्ट्री के मालिक पर बैंक ऑफ बड़ौदा, एसबीआई, यस बैंक और डीसीबी बैंक का करीब सौ करोड़ बकाया चल रहा है। बकाए की अदायगी न करने पर बैंकों ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल कोर्ट दिल्ली में आवेदन कर कर्ज वसूली की मांग की। कोर्ट ने कंपनी के खिलाफ दिवालिया समायोजन नोटिस जारी कर बैंकों के प्रतिनिधि को फैक्ट्री का मैनेजिंग डायरेक्टर घोषित कर दिया। जो कंपनी ऑडिट करने के बाद निर्णय लेंगे कि कंपनी को नीलाम करना है या फिर कंपनी संचालित की जाएगी।
एएनजी इंडस्ट्रीज के जीएम राजन शर्मा ने बताया कि एल्डिको सिडकुल इंडस्ट्रियल पार्क में बीते 2007 में फैक्ट्री की स्थापना हुई थी। फैक्ट्री अशोका लीलैंड कंपनी के वाहनों की टिपर बॉडी का उत्पादन करती है। फैक्ट्री की माली हालत बिगड़ने के कारण पिछले दो साले से फैक्ट्री सुचारु रूप से नहीं चल रही है। यहां तक कि बीते अगस्त में फैक्ट्री का उत्पादन ही ठप हो गया।
जीएम शर्मा ने बताया कि बीती 31 अगस्त को कोर्ट ने फैक्ट्री के एमडी को हटा दिया और फैक्ट्री के खिलाफ दिवालिया समायोजन की कार्रवाई कर दी। कोर्ट के आदेश के बाद बैंकों ने अपने प्रतिनिधि इलाम चंद कंबोज को फैक्ट्री का एमडी बना दिया। वह 14 सितंबर तक फैक्ट्री का ऑडिट करेंगे और फिर बैंकों को इसकी रिपोर्ट दी जाएगी। वहीं, कंपनी द्वारा वर्कर, स्टाफ या बाजार के लोगों का पैसा दिया जाएगा। बताया कि बैंक की ओर से नियुक्त एमडी फैक्ट्री को संचालित करेंगे। अगर, छह माह तक फैक्ट्री सुचारु रूप से नहीं चली तो फिर दिवालिया घोषित हो जाएगी।