नैनीताल। दो अलग-अलग शासनादेश जारी कर राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरियों में दस प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण दिए जाने के मामले पर सुनवाई के लिए हाइकोर्ट ने 12 सितंबर की तारीख नियत की है।
न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इन द मेटर ऑफ अपाइंटमेंट ऑफ एक्टिविस्ट और अन्य ने हाइकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि सरकार की ओर से दो अलग-अलग शासनादेश जारी कर राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरियों में दस प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है जो गलत है। पूर्व में हाइकोर्ट की खंडपीठ ने निर्णय दिया था जिसमें दोनों जजों के निर्णय में भिन्नता होने के कारण मामला अन्य बैंच को रेफर कर दिया गया था।