नैनीताल। हाइकोर्ट ने रोडवेज में चालक और परिचालक की भर्ती प्रक्रिया को शुरू करने को सशर्त मंजूरी दे दी है। इसके तहत विभाग में पूर्व से संविदा के रूप में कार्यरत कर्मचारियों को वरिष्ठता दी जाएगी। कोर्ट का यह आदेश याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा।
बुधवार को न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने हाइकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि परिवहन निगम 2968 चालक, परिचालक और अन्य पदों पर सीधी भर्ती कर रहा है। इससे विभाग में वर्षों से संविदा के रूप में कार्यरत संविदा कर्मियों के हित प्रभावित हो रहे हैं। याचिका में कहा कि परिवहन निगम इन कर्मचारियों को आउटसोर्सेस से भर्ती मानते हैं जबकि ये कर्मचारी आउटसोर्सेस ऐजेंसी से नियुक्त न होकर विभागीय संविदा पर नियुक्त है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाइकोर्ट की एकलपीठ ने अंतरिम आदेश पारित कर परिवहन निगम को इस शर्त के साथ भर्ती करने की इजाजत दी है कि निगम पूर्व से कार्यरत चालक, परिचालक और अन्य कर्मचारियों की वरिष्ठता नए भर्ती होने वाले कार्मिकों से ऊपर मानी जाएगी। कोर्ट ने पूर्व में इस भर्ती प्रक्रिया में रोक लगा दी थी। ब्यूरो