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बीमार कर्मियों को स्वैच्छिक सेवानिवृति देना अन्यायपूर्ण कदम

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नैनीताल। पचास से ज्यादा उम्र के बीमार रहने वाले कार्मिकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दिए जाने के आदेश से कर्मचारियों में खलबली मच गई है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने इस आदेश पर नाराजगी जताते हुए शीघ्र ही मुख्यमंत्री के समक्ष कर्मचारियों का पक्ष रखने का ऐलान किया है।
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परिषद की रविवार को हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि अनिवार्य सेवानिवृत्ति पर सरकार की सक्रियता से कर्मचारियों को इस व्यवस्था की आड़ में नौकरशाहों के द्वारा उत्पीड़न आशंका है। उन्होंने कहा कि अनिवार्य सेवानिवृत्ति को कर्मचारियों के साथ ही अफसरों पर भी लागू किया जाना चाहिए। 35 साल में नौकरी पर लगे व्यक्ति को बीमारी के आधार पर 50 साल में सेवानिवृत्ति देना उसके साथ अन्याय है।
कर्मचारी नेताओं ने कहा इस संदर्भ में गठित स्क्रीनिंग कमेटी में भी नौकरशाहों की मनमानी चल सकती है। परिषद पदाधिकारियों ने कहा कि इस मामले में शीघ्र ही मुख्यमंत्री से वार्ता करेंगे। बैठक में परिषद के अध्यक्ष बहादुर सिंह बिष्ट, महामंत्री जगमोहन रौतेला, केएस सामंत, पीके शर्मा, केपीएस मेहता, कमल जोशी, असलम अली, उमेश सनवाल, त्रिलोक सिंह रौतेला आदि थे।
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