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महिला अस्पताल में शिफ्ट होगी पीडियाट्रिक्स यूनिट

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महिला अस्पताल देखा - फोटो : अमर उजाला
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हल्द्वानी। बेस अस्पताल से पीडियाट्रिक्स यूनिट (बालरोग विभाग) माहभर में महिला अस्पताल में शिफ्ट होगी। महिला अस्पताल में आने वाली महिलाओं को स्त्री एवं प्रसूति रोग चिकित्सकों के साथ ही बच्चों के डॉक्टर की सुविधा भी एक ही छत के नीचे मिलेगी।
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चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सचिव नितेश झा ने शुक्रवार को महिला अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. भागीरथी जोशी को निर्देश दिए कि पुराने भवन में चल रही ओपीडी, ओटी को नए भवन में शिफ्ट करें। नए भवन में ही मरीजों को भर्ती करें। पुराने भवन के जीर्णोद्धार के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजे। कहा कि स्थायी डॉक्टरों के दो पद खाली हैं। उन पदों पर शीघ्र ही स्थायी डॉक्टर भेजे जाएंगे। साथ ही एनेस्थीसिया के एक डॉक्टर को भी भेजा जाएगा। झा ने कहा कि नवंबर के अंतिम सप्ताह तक (आचार संहिता हटने के बाद) मुख्यमंत्री से महिला अस्पताल के नए भवन का उद्घाटन कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री नवंबर के अंतिम सप्ताह में कर सकते हैं महिला अस्पताल के नए भवन का उद्घाटन
बोले नए भवन में शुरू करें काम, पुराने भवन के जीर्णोद्धार का भेजे प्रस्ताव

पीजी विद्यार्थियों को महिला अस्पताल भेजे
हल्द्वानी। चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सचिव नितेश झा ने चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना को आदेश दिए कि राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में पढ़ने वाली छात्राओं को महिला अस्पताल में भेजे। डॉक्टर प्रशिक्षित होंगे साथ ही महिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी से कुछ राहत मिलेगी। सीएमओ डॉ. भारती राणा को आदेश दिए कि जिले से महिला डॉक्टरों को रोटेशन में महिला अस्पताल भेजे। डॉक्टर प्रशिक्षित होने के बाद बेहतर सेवाएं दूरस्थ क्षेत्रों में दे सकेंगे।
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लेबर रूम में नहीं मिला अलमारियों में मैगनेट, तो ओटी में नहीं लगे थे एडजॉस्ट
हल्द्वानी। महिला अस्पताल का नया भवन जल निगम ने बनाया है। स्वास्थ्य सचिव के निरीक्षण के दौरान भवन में कमियों का खुलासा हुआ। लेबर रूम में बनी अलमारियों में मैगनेट नहीं लगे थे जबकि ओटी में एडजॉस्ट फैन नहीं लगे थे। झा ने जल निगम की ईई मृदुला सिंह को आदेश दिए कि भवन में जो कमियां हैं उसे तत्काल दूर करें। कहा कि कमियां दूर करने के बारे में सीएमएस को जानकारी दें। कहा नए बेड और उपकरण का बजट बनाकर भेज दें, दस दिनों के भीतर राशि स्वीकृत हो जाएगी। सीएमएस ने बताया कि नए बेड और उपकरण के लिए लगभग एक से डेढ़ करोड़ रुपये की जरूरत होगी।
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