हल्द्वानी। यदि आप जीएसटी में रजिस्टर्ड कारोबारी हैं और आपने दुकान, प्रतिष्ठान के बाहर पंजीयन नंबर नहीं लिखा है तो राज्य कर विभाग 25 हजार रुपये तक का जुर्माना लगा सकता है। विभाग ने कारोबारियों को दुकानों, प्रतिष्ठानों के बाहर जीएसटी पंजीयन नंबर लिखने के निर्देश दिए हैं।
राज्य कर विभाग के अनुसार जीएसटी अधिनियम में साफ है कि प्रत्येक कारोबारी को दुकान, फैक्ट्री, दफ्तर के बाहर जीएसटी पंजीयन नंबर पेंट बोर्ड, ग्लोसाइन बोर्ड, फ्लैक्स पर लिखना जरूरी है। लेकिन जीएसटी लागू होने के सवा साल बीतने के बाद भी हल्द्वानी संभाग में अधिकतर व्यापारियों ने पंजीयन नंबर का बोर्ड नहीं लगाया है जबकि यहां 25 हजार से ज्यादा कारोबारी पंजीकृत हैं। इस पर राज्य कर अफसर सख्त हो गए हैं। अपर आयुक्त बीएस नगन्याल ने सभी उप, सहायक आयुक्तों को दुकानों के बाहर पंजीयन संख्या अंकित करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाए। इसमें न्यूनतम 500 से अधिकतम 25 हजार जुर्माना है।
राज्य कर के सहायक आयुक्त विनय प्रकाश ओझा ने कहा कि जीएसटी में पंजीकृत कारोबारियों को दुकान आदि फर्म के बाहर जीएसटी पंजीयन नंबर लगाना अनिवार्य है। नंबर न लगाने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
ये होंगे फायदे
1. सिर्फ पंजीकृत कारोबारियों से ही खरीद होगी।
2. नियमित तौर पर जमा होगा राज्य कर, सरकारी खजाने में बढ़ोतरी होगी।
3. कर चोरी पर शिकंजा कसेगा।
4. ग्राहकों से जबरन कर वसूली नहीं हो सकेगी।
लिखना होगा हम है ‘समाधान’ कारोबारी
जीएसटी में समाधान में पंजीकृत कारोबारी को जीएसटी पंजीयन नंबर के अलावा समाधान विकल्प होने की सूचना भी लिखनी अनिवार्य है। नियमानुसार समाधान कारोबारी जीएसटी नहीं वसूल सकता है। समाधान लिखे होने पर ग्राहक भी जागरूक होंगे और खुद टैक्स नहीं देंगे।
बोर्ड पर लिखें जीएसटी नंबर, वरना जुर्माना दें
दुकान के बाहर नंबर न लिखने से हो रहा जीएसटी अधिनियम का उल्लंघन