हल्द्वानी। डॉक्टरों की कमी के चलते महिला अस्पताल में संकट गहरा गया है। एक डॉक्टर लंबे समय से अवकाश पर है और अब तक मेडिकल सर्टिफिकेट नहीं भेजा है। सीएमएस ने स्वास्थ्य महानिदेशक और सीएमओ को वस्तुस्थिति से अवगत कराया है।
महिला अस्पताल में प्रतिदिन 500 मरीज ओपीडी में आते हैं। जबकि एक माह में करीब 300 प्रसव होते हैं और प्रतिदिन करीब 12 प्रसव होते हैं। महिला अस्पताल में डॉ. भावना जंगपांगी साढ़े तीन माह से अवकाश पर हैं। उन्होंने ओपीडी के पर्चे के साथ ही एक साइकेट्रिस्ट की राय लगाते हुए अवकाश लिया था, जिसमें डॉक्टर ने आठ सप्ताह आराम करने की सलाह दी थी।
सीएमएस डॉ. भागीरथी जोशी ने बताया कि डॉ. भावना को दो पत्र लिखे गए और कहा कि या तो मेडिकल सर्टिफिकेट भेजे या ज्वाइन करें। बताया कि पिछले वर्ष अक्तूबर में डॉ. मंजू रावत का नैनीताल स्थानांतरण हो गया था और उनके बदले किसी की तैनाती नहीं हुई है।
अस्पताल में सीएमएस समेत सिर्फ पांच डॉक्टर हैं। एक डॉक्टर 24 घंटे इमरजेंसी में कार्यरत रहती हैं और अगले दिन ऑफ पर रहती हैं। एक डॉक्टर ओपीडी में होती है और दो अन्य भी ड्यूटी पर होती हैं। डॉ. जोशी ने बताया कि डॉ. भावना के आने की संभावना कम ही है। स्वास्थ्य महानिदेशक और सीएमओ को पूरी जानकारी दी गई है।