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शिक्षा विभाग का पांच पब्लिक स्कूलों में छापा, खामियां मिलीं

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हल्द्वानी। एनसीईआरटी पुस्तकें लागू करने को लेकर शिक्षा विभाग की टीम ने सोमवार को पब्लिक स्कूलों में ताबड़तोड़ छापे मारे। शिक्षा अधिकारियों को बिड़ला स्कूल, जैम्स, व्हाइटहाल और डीपीएस हल्द्वानी पब्लिक स्कूल में कई खामियां मिलीं। इस पर विभाग ने इन स्कूलों को नोटिस जारी किए हैं। स्कूलों के मान्यता आदि अभिलेख भी चेक किए गए।
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सोमवार को पूर्वाह्न करीब 11 बजे मुख्य शिक्षा अधिकारी केके गुप्ता की अगुवाई में शिक्षा विभाग की टीम सबसे पहले आर्यमान विक्रम बिडला स्कूल पहुंची। वहां जांच पड़ताल करने पर टीम को छोटी कक्षाओं में बच्चों के पास एनसीईआरटी पुस्तकों के स्थान बिड़ला स्कूल की निजी पुस्तकें पाई गईं। प्रधानाचार्य पिंदरजीत चीमा ने ग्रुप का स्कूल और ग्रुप द्वारा निर्धारित पाठ्य सामग्री लगाने की बाध्यता बताकर कक्षा एक से आठ तक एनसीईआरटी पुस्तकें न लगाए का तर्क दिया। इस पर शिक्षा अधिकारियों की प्रधानाचार्य चीमा से बहस हो गई। सीईओ गुप्ता ने बताया कि प्रधानाचार्य को समझाया गया कि उत्तराखंड में स्कूल चला रहे हैं तो राज्य सरकार के नियमों का पालन तो हर हाल में करना होगा। सीईओ ने पिछले सप्ताह दिए गए नोटिस का जवाब न देने पर भी नाराजगी जताई। प्रधानाचार्य ने तीन दिन के भीतर जवाब देने का आश्वासन दिया है।
इसके बाद टीम आरटीओ रोड पर जैम्स पब्लिक स्कूल पहुंची। यहां स्कूल ने हाइकोर्ट में 11 को सुनवाई के इंतजार में अब तक किताबें ही नहीं लगाई हैं। हालांकि स्कूल संचालक ने टीम को एनसीईआरटी किताबें लगाने का आश्वासन दिया। बाद में टीम ऊंचापुल पर व्हाइटहॉल स्कूल और लामाचौड़ स्थित व्हाइटहॉल स्कूल की दूसरी ब्रांच में छापा मारा तो एनसीईआरटी के साथ ही निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें लगी पाई गईं। मुख्य शिक्षा अधिकारी ने बताया कि व्हाइट स्कूल संचालकों को कार्रवाई की चेतावनी दी गई तो उन्होंने निजी किताबें वापस कराने की बात कही। सीईओ ने बताया कि लामाचौड़ स्थित डीपीएस हल्द्वानी स्कूल में भी निजी प्रकाशकों की किताबें कोर्स में लगी मिलीं। स्कूल संचालकों को कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। उन्होंने बताया कि सभी स्कूलों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। टीम में हल्द्वानी के बीईओ हरेंद्र मिश्रा, दो इंटर कॉलेजों के प्रधानाचार्य जेपीएन सिंह और नीरजा पांडे शामिल रहे।
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