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रावत के सामने अब तीन आफत

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हल्द्वानी। बृहस्पतिवार को हल्द्वानी पहुंच रहे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को अब अंतराज्यीय बस अड्डे और प्रकाश पांडे के परिजनों के मुआवजे के साथ ही भाजपा और एसएसपी जन्मेजय खंडूरी के बीच के विवाद का सामना करना होगा।
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बस अड्डे की जमीन का मसला अभी सुलझा नहीं है। नई जमीन पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। हल्द्वानी नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश का गृह निर्वाचन क्षेत्र भी है। इंदिरा इस मुद्दे को लेकर मुखर भी हैं। इस मामले को लेकर भाजपा के पूर्व मंत्री बंशीधर भगत और इंदिरा के बीच में नोक झोंक भी हो चुकी है। ऐसे में मुख्यमंत्री का सामना इस सवाल से होना तय है। इसी तरह ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडे के परिजनों को मुआवजा दिये जाने का मसला भी सुलग रहा है।
कांग्रेस इस मामले में जांच पूरी न हो पाने का मसला उठा ही चुकी है।
इन दोनों मसलों के अलावा अब मुख्यमंत्री को एसएसपी और भाजपा नेताओं के बीच के विवाद का भी सामना करना होगा। भाजपा सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के सामने पार्टी और संघ से जुड़े कई पदाधिकारी इस मुद्दे को उठा सकते हैं। एसएसपी के खिलाफ भाजपा की बड़ी लॉबी मुखर हो गई है। कुमाऊं मीडिया प्रभारी तरुण बंसल अभद्रता और पूर्व दर्जा मंत्री हेमंत द्विवेदी भी एक तरफा कार्रवाई का आरोप लगा चुके हैं।
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कमजोर मुकदमे को आधार बना सकते हैं हेमंत द्विवेदी
भाजपा अब पूर्व दर्जा राज्य मंत्री हेमंत द्विवेदी के खिलाफ दर्ज मुकदमे को ही हथियार बना कर जंग छेड़ने की तैयारी कर रही है। इस पूरे प्रकरण में हेमंत द्विवेदी पर दर्ज मुकदमा ही पुलिस के खिलाफ ही कमजोर कड़ी है। मुकदमे की जांच की दिशा ही इस प्रकरण की दिशा तय करेगी।
भीमताल पुलिस ने पूर्व दर्जा राज्य मंत्री हेमंत द्विवेदी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इसके बाद भाजपा ने एसएसपी जन्मेजय खंडूरी के खिलाफ मोर्चा खोला। भाजपा नेताओं का आरोप है कि द्विवेदी पर जमीन की धोखाधड़ी का मुकदमा है आमतौर पर पुलिस ऐसे मुकदमों को दर्ज करने से परहेज करती है और कोर्ट जाने की सलाह देती है, लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ।
मुकदमा दर्ज करने से पूर्व कागजात की जांच नहीं की गई। मुकदमा दर्ज कराने वाले के खिलाफ खुद ही मारपीट से धोखाधड़ी तक 7-8 मुकदमे दर्ज हैं। इस आधार पर पुलिस की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। वहीं अब मुकदमे की जांच से पुलिस की भूमिका तय होगी। यदि पुलिस जांच में हेमंत को बचाती है तो साफ है कि हेमंत द्विवेदी का एसएसपी पर पलटवार काम आ गया। वहीं जांच द्विवेदी के खिलाफ जाती है तो भाजपा संगठन में एसएसपी के खिलाफ आक्रोश बढ़ जाएगा। द्विवेदी कह चुके हैं कि इस मसले को न्यायालय में ले जाएंगे।
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