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बारिश नहीं हुई तो पानी को तरसेंगे शहरवासी

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हल्द्वानी। इस बार पेयजल किल्लत ने अभी से अपना रुख दिखाना शुरू कर दिया है। नलकूपों का जलस्तर गिरता जा रहा है। गौला नदी के गिरते जलस्तर से इस बार गर्मियों में भीषण पेयजल संकट के संकेत मिल रहे हैं। गौला का जल स्तर इस बार गिरकर मात्र 88 क्यूसेक रह गया, जबकि पिछले वर्षों तक आज के दिन जलस्तर एक सौ क्यूसेक से अधिक रहता था।
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गौला से पेयजल के लिए 34.5 क्यूसेक पानी लिया जाता है। इसके अलावा 53.5 क्यूसेक पानी सिंचाई को मिल पा रहा है। पानी कम होने से पेयजल और सिंचाई दोनों का संकट बढ़ने की संभावना है। सिंचाई के लिए तो विभाग ने एक महीने पहले ही रोस्टर लागू कर दिया है।

सिंचाई विभाग के गौला बैराज प्रभारी केएस बिष्ट ने बताया कि बारिश नहीं होने के कारण गौला के जलस्तर में लगातार गिरावट आ रही है। जल्द ही बारिश नहीं हुई तो स्थिति भयावह हो सकती है। मार्च के दूसरे पखवाड़े तक अगर बारिश नहीं हुई और गौला का जलस्तर नहीं बढ़ा तो पेयजल के लिए मारामारी होना तय है। तमाम इलाकों में अभी से पानी का गंभीर संकट गहरा गया है।
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जलसंस्थान के अधिकारियों का भी मानना है कि गौला का दबाव कम होने से पर्याप्त मात्रा में पेयजल की आपूर्ति करना संभव नहीं होगा।

पिछले छह सालों में पांच मार्च को गौला का जलस्तर
वर्ष जलस्तर
05 मार्च 2013 277 क्यूसेक
05 मार्च 2014 273 क्यूसेक
05 मार्च 2015 610 क्यूसेक
05 मार्च 2016 109 क्यूसेक
05 मार्च 2017 106 क्यूसेक
05 मार्च 2018 88 क्यूसेक
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