हल्द्वानी। जीएसटी लागू होने के करीब ढाई माह बाद भी जीएसटी पोर्टल काम नहीं कर पा रहा है इससे सैकड़ों कारोबारी जुलाई का रिटर्न जमा नहीं कर सके हैं। जीएसटी नेटवर्क की नाकामी को देखते हुए केंद्र ने एक बार फिर रिटर्न भरने की अंतिम तिथि अक्तूबर तक बढ़ा दी है। इससे पूर्व एक बार अवधि बढ़ाई जा चुकी है।
सूबे में एक जुलाई को जीएसटी लागू हुआ था। सूबे में करीब 98,783 कारोबारी है। इनमें 12,419 नए पंजीकृत कारोबारी हैं। कुल कारोबारियों में 15,786 कारोबारी समाधान योजना ली है। शेष 64,207 कारोबारियों को हर माह बिक्री का ब्योरा देना है। यह जीएसटी आर 1,2,3 में जमा करना है। जुलाई माह का रिटर्न भरने की अंतिम तिथि अगस्त में थी लेकिन जीएसटी नेटवर्क पूरी तरह काम नहीं कर सका। कभी धीमी गति, पंजीयन में कमी, दस्तावेज अपलोड होने में दिक्कतों को देखते हुए रिटर्न भरने की अंतिम तिथि 10 सितंबर की गई थी।
इधर सितंबर में भी जीएसटी नेटवर्क पूरी तरह धड़ाम रहा। पोर्टल में जीएसटी आर 1, 2 जमा करने में कारोबारियों को खासी दिक्कतें हो रही हैं। वहीं कहीं-कहीं जीएसटी नेटवर्क कनेक्ट ही नहीं हो रहा तो रैनसमवेयर वायरस ने समस्या बढ़ा दी। इसके मद्देनजर केंद्र सरकार ने एक बार फिर जुलाई का अंतिम रिटर्न जमा करने की अक्टूबर तक बढ़ा दी है।
इसके अंतर्गत जीएसटी आर 1 को 10 अक्तूबर, जीएसटी आर 2 को 25, जीएसटी आर 3 जमा करने की अंतिम तिथि 31 अक्तूबर है। राज्य कर के सहायक आयुक्त वीपी ओझा ने बताया कि जीएसटी पोर्टल में आ रही दिक्कतों के मद्देजनर जुलाई का रिटर्न भरने की अंतिम तिथि को बढ़ा दिया गया है। अब अक्तूबर तक रिटर्न जमा करना होगा।