तराई पश्चिमी वन प्रभाग की कठियापुल चौकी से सागौन के 14 गिल्टे चोरी होने का मामला सामने आया है। चोरी के खुलासे से वन विभाग में हड़कंप मचा गया। डीएफओ ने एसडीओ को मामले की जांच सौंपी है। वन विभाग द्वारा पुलिस को भी घटना की तहरीर सौंपी गई है।
वन विभाग जंगलों में अवैध लकड़ी की तस्करी पर अंकुश लगाने का दावा कर रहा है लेकिन लकड़ी तस्कर वन विभाग की चौकी से ही लकड़ी की चोरी कर वन विभाग को खुली चुनौती दे रहे हैं। ऐसा ही एक मामला तराई पश्चिमी वन प्रभाग की रामनगर स्थित कठियापुल चौकी में आया है।
12 जनवरी की देर शाम लकड़ी तस्करों ने चौकी परिसर में रखे सागौन के 14 गिल्टे पार कर लिए। बताया जा रहा है कि गिल्टे चोरी करने के लिए तस्कर परिसर में ही ट्रैक्टर ट्राली लेकर पहुंचे थे लेकिन चौकी परिसर में हुई चोरी का पता विभाग को दो दिन बाद चला। चोरी की सूचना पर वन क्षेत्राधिकारी ने निरीक्षण किया तो गिल्टे चोरी होने की पुष्टि हुई।
प्रभागीय वनाधिकारी हिमांशु बागरी ने बताया कि एसडीओ शिशुपाल सिंह रावत को मामले की जांच सौंपी गई है। मामले में वन विभाग ने पीरूमदारा चौकी पुलिस को भी वन विभाग ने मामले की तहरीर दी है। चौकी प्रभारी कवींद्र शर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है।
तीन दिन तक डीएफओ को नहीं दी जानकारी
सूत्रों के मुताबिक शुरुआत में गिल्टे चोरी होने का मामला दबाने की कोशिश की गई। घटना के तीन दिन बाद तक डीएफओ को जानकारी नहीं दी गई। मामला संज्ञान में आने के बाद उन्होंने रेंजर सहित वनकर्मियों को फटकार लगाई। इसके बाद मामले की जांच शुरू की गई।
कठियापुल चौकी से 14 गिल्टे चोरी होना गंभीर मामला है। एसडीओ की जांच में अगर विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आई तो दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
हिमांशु बागरी, डीएफओ तराई पश्चिमी वन प्रभाग