अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय सहदेव सिंह की अदालत ने बलवा और चक्काजाम के मामले में सुनवाई के बाद सपा नेता अब्दुल मतीन सिद्दीकी सहित 14 लोगों को दोषमुक्त कर दिया। आरोपियों ने 11 साल पहले ताज चौराहे से शनि बाजार हटाने के विरोध में आंदोलन किया था।
आरोप था कि सपा नेता अब्दुल मतीन सिद्दीकी ने 100-150 लोगों के साथ शनिबाजार हटाने के विरोध में पांच फरवरी 2005 को जिला प्रशासन से अनुमति लिए बगैर जुलूस निकाला। शासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आंदोलनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम कर दिया। इस मामले में पुलिस ने समझाने का प्रयास किया लेकिन किसी ने प्रशासन की बात नहीं सुनी। इस बीच आंदोलनकारियों की पुलिस से झड़प भी हुई।
आवागमन बाधित होने पर तत्कालीन उपनिरीक्षक सुभाष चंद्र टम्टा ने सपा नेता के साथ जावेद सिद्दीकी, इशरत अली, कुलदीप भुल्लर, नासिर हुसैन, ताहिर हुसैन, अरशद अयूब, रईस अहमद वारसी, संजय सोनकर, श्रीमती बबली वर्मा, त्रिलोक बनौली, अनिल कन्नौजिया, अलाउद्दीन, मोहम्मद उस्मान के खिलाफ 147,149,341 धारा-7 क्रिमिनल लॉ एमेंडमेंट एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। इस मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने आरोपियों पर दोष सिद्ध पाते हुए पांच सौ रुपये अर्थदंड और न्यायालय उठने की सजा से दंडित किया।
सजा के खिलाफ अभियुक्तों की तरफ से अधिवक्ता एडी मैसी और सुरेश परिहार ने न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय की अदालत में अपील की। बचाव पक्ष के अधिवक्ता एडी मैसी ने दावा किया कि पुलिस की तरफ से गलत तथ्य पेश किया गया है जो विधिक रूप से मान्य नहीं है। न्यायालय ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने और तथ्यों का अवलोकन करने के बाद अभियुक्तों को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।
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फरवरी-2005 में शनि बाजार के लिए शांतिपूर्वक आंदोलन किया गया था, राजनीतिक दबाव में झूठे मुकदमे लिखे गए। हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था, जिसका नतीजा आज सामने हैं। सभी लोग बाइज्जत बरी हो गए। जनहित के लिए संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
-अब्दुल मतीन सिद्दीकी, सपा प्रदेश महासचिव