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अस्थायी पर कब्जा, पुराने बस अड्डे में गंदगी का अड्डा

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हल्द्वानी। परिवहन निगम की बदइंतजामी का खामियाजा यात्रियों और सैलानियों को उठाना पड़ेगा। हल्द्वानी बस अड्डा गंदगी से पटा हुआ है, यहां पर यात्रियों के बैठने लिए पर्याप्त सुविधाएं तक नहीं है, जबकि पिछले साल कुमाऊं कमिश्नर ने ट्रांसपोर्ट नगर में अस्थायी बस अड्डा बनाकर वहीं से बस संचालन करने के निर्देश दिए थे। वहां अब कब्जा हो गया है। इस अस्थायी बस अड्डे को बनाने पर करीब साठ लाख खर्च हुए थे।
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पहाड़ पर पर्यटन सीजन शुरू होने वाला है, लेकिन मैदान में गर्मी बढ़ने के साथ ही पर्यटकों का रुख पहाड़ की ओर होने लगा है। ऐसे में असुविधाओं के बीच पर्यटकों को मौज-मस्ती करने को मजबूर होना पड़ रहा है। हालांकि, एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से लैस बस पोर्ट बनाने के दावे खूब हुए, लेकिन यहां के रोडवेज बस अड्डों के दिन नहीं बहुरे। हल्द्वानी बस अड्डे का परिवहन मंत्री से लेकर कमिश्नर तक निरीक्षण कर चुके हैं। इस दौरान बस अड्डे में सुविधाओं को बढ़ाने, सफाई की व्यवस्था दुरुस्त करने जैसे कई निर्देश दिए गए, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इस बस अड्डे से प्रतिदिन औसतन चार हजार यात्री आवागमन करते है, लेकिन यहां यात्रियों के बैठने के लिए बैंच तक नहीं है। पीने के लिए एक ही वाटर कूलर है। कई पंखे खराब रहते हैं। मोबाइल चार्जिंग के लिए दो-तीन स्विच हैं। इसमें भी यात्रियों को खड़े-खड़े मोबाइल चार्ज करना पड़ता है। बस अड्डे पर केवल एक ही टिकट काउंटर ही खुलता है। वहीं, जिला प्रशासन की ओर से जिस अस्थायी बस अड्डे को बनाने में 60 लाख रुपये से अधिक खर्च किए गए, उस पर लोगों ने कब्जा कर लिया है।

अस्थायी पर कब्जा, पुराने बस अड्डे में गंदगी का अड्डा
परिवहन निगम का हाल
यात्रियों के लिए कोई इंतजाम नहीं
ट्रांसपोर्टनगर में अस्थायी बस अड्डे के लिए 60 लाख रुपये फूंके

पेशाब घर की दुर्गंध से बस अड्डे पर खड़ा होना दूभर
एक तरफ राज्य और केंद्र सरकार स्वच्छ भारत अभियान चला रही है, वहीं, रोडवेज बस अड्डे पर बने शौचालय की गंदगी बाहर तक फैली है। हाल ये है कि गंदे शौचालय के कारण रोडवेज बस अड्डे पर खड़ा होना तक दूभर हो जाता है।
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एक साल बीता, कमिश्नर के आदेशों का भी नहीं हुआ पालन
कुमाऊं कमिश्नर राजीव रौतेला ने ज्वाइन करते ही सबसे पहले रोडवेज बस अड्डे का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने बस अड्डे पर टाइल्स लगाने और बैठने के लिए बैंच लगाने में आने वाले खर्च का प्रस्ताव देने की बात कही थी, लेकिन एक साल बाद भी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई।

मंत्री ने भी दिए थे बाइकें हटाने के निर्देश
परिवहन मंत्री यशपाल आर्य ने रोडवेज बस अड्डे के निरीक्षण के दौरान बस अड्डे के सामने खड़ी की बाइकों को हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब भी बाइकें सामने ही खड़ी हो रही हैं। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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