हल्द्वानी/भीमताल। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पुरातत्ववेत्ता और पद्मश्री से सम्मानित डॉ. यशोधर मठपाल (80) बीमार हैं, उन्हें हर्पीज और पेट में इंफेक्शन की शिकायत के चलते नीलकंठ अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर है।
अस्पताल में भर्ती डॉ. मठपाल ने बताया कि 9 फरवरी को उनके चेहरे के दाहिने हिस्से पर हर्पीज जास्टर (अग्यौन) का अटैक पड़ा, जिससे उनके चेहरे पर सूजन आ गई और तेज दर्द होने लगा। कई जगह इलाज कराने के बाद हालत में कुछ सुधार हुआ, लेकिन 23 अप्रैल को फिर से तबियत खराब हो गई, जिसके बाद बड़े बेटे सुरेश मठपाल ने पिता को नीलकंठ अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में डॉ. मठपाल की कई जांचें की गई। सभी जांच रिपोर्ट सामान्य निकली। नीलकंठ अस्पताल के प्रबंध निदेशक एवं वरिष्ठ सांस रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव सिंघल ने बताया कि डॉ. मठपाल के पेट में इंफेक्शन की शिकायत है। इलाज के बाद उनकी हालत स्थिर है। डॉ. सिंघल ने बताया कि राज्य सरकार ने उनके इलाज में आने वाला खर्च वहन करने की बात कही है। डॉ. मठपाल का स्वास्थ्य खराब होने की जानकारी मिलने के बाद कई प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा उनके शुभचिंतकों ने अस्पताल पहुंचकर हालचाल जाना।
पद्मश्री डॉ. मठपाल बीमार, निजी अस्पताल में भर्ती
हर्पीज और पेट में इंफेक्शन की शिकायत, राज्य सरकार वहन करेगी इलाज में आने वाला सारा खर्चा
लोक सांस्कृतिक संग्रहालय के संस्थापक हैं डॉ. मठपाल
भीमताल (नैनीताल)। डॉ. मठपाल खुटानी स्थित लोक सांस्कृतिक संग्रहालय के संस्थापक और प्रबंधक हैं। वह कई शोध और सामाजिक संगठनों से भी जुड़े हैं। पुरातत्व के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए डॉ. मठपाल देश और विदेश में कई सम्मान भी प्राप्त कर चुके है। वह गुफा चित्रों के विशेषज्ञ होने के साथ ही अच्छे चित्रकार भी हैं। डॉ. मठपाल के संग्रहालय में साल भर सैलानियों और स्कूली बच्चों के ग्रुप आते रहते हैं।