वन विभाग ने लोगों के वनों के साथ रिश्ते को मजबूत करने के लिए नई पहल की है। अब जंगलात वनों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों के साथ इको टूरिज्म जैसी गतिविधियों से जुड़े लोगों के सुझावों को अपने दस वर्षीय कार्ययोजना में शामिल करने का फैसला किया है। वन विभाग ने बैठकों के साथ सोशल मीडिया के जरिए भी सुझाव आमंत्रित करने का फैसला किया है।
जंगल के आसपास रहने वाले कई लोगों की वन विभाग की कार्यप्रणाली से नाराजगी रहती है। ऐसे में जंगलात ने न केवल ग्रामीण बल्कि इको टूरिज्म आदि से जुड़े लोगों को रोजगार करने वालों के साथ बातचीत करने के साथ सुझावों को भी पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से स्वीकृत होने वाली दस वर्षीय कार्ययोजना में शामिल करने का फैसला किया है। इसी के तहत पवलगढ़ (रामनगर) में वन विभाग और ग्रामीणों की संयुक्त बैठक भी हो चुकी है।
रामनगर वन प्रभाग कार्ययोजना अधिकारी व वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त डॉ. पराग मधुकर धकाते के अनुसार राष्ट्रीय वर्किंग प्लान कोड-2014 के तहत रामनगर वन प्रभाग की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसमें जनता के सुझावों को भी शामिल करने का फैसला किया गया है। अब ग्रामीण, इको टूरिज्म में शामिल नेचर गाइड, होटल मालिक से लेकर जिप्सी चालकों कैसे वन प्रबंधन, इको टूरिज्म की गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए उठाये जा सकते हैं, उस संबंध में सुझाव दे सकते हैं, इसे परीक्षण के बाद कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा।