हल्द्वानी। एसटीएच और बेस अस्पताल में सोमवार को भी जापानी इंसेफेलाइटिस, मलेरिया और बुखार के मरीज भर्ती किए गए। बेस अस्पताल में फिजीशियन न होने के कारण अब रेफर सेंटर बन बनकर रह गया है।
एसटीएच में विशाल (08) निवासी रामपुर को भर्ती कराया है। विशाल जापानी इंसेफेलाइटिस से ग्रस्त है, जबकि इंदिरा देवी, कनिका, आसमां, गौरव, नमिता, ओमवती, अजय, अमित कुमार को मलेरिया होने के कारण भर्ती कराया है।
दूसरी ओर बेस अस्पताल में डायरिया के छह, मलेरिया का एक और बुखार के आठ मरीज भर्ती कराए गए। बेस अस्पताल में फिजीशियन न होने के कारण सोमवार को दस रोगियों को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। दस रोगियों में बच्चे और बड़े दोनों शामिल हैं।
सीएमएस डॉ. एसबी ओली ने बताया कि मलेरिया और डेंगू के रोगियों को देखने के लिए फिजीशियन नहीं है, इस कारण सभी को रेफर किया जा रहा है।
जापानी इंसेफेलाइटिस, डेंगू और मलेरिया के मरीज परेशान
एसटीएच में जापानी इंसेफेलाइटिस से पीड़ित रामपुर निवासी भर्ती
एसटीएच से लौटे रोगी
हल्द्वानी। आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना भले ही शुरू कर दी, मगर तैयारियां पूरी नहीं की गई है। सरकारी अस्पतालों में पंजीकरण के पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण लोगों को सोमवार को बैरंग लौटना पड़ा।
सोमवार को सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल और एसटीएच में आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत लोग पंजीकरण कराने पहुंचे थे। एसटीएच में पंजीकरण की कोई व्यवस्था नहीं थी। पंजीकरण के लिए बनाई गई वेबसाइट पहले दिन ही ठप हो गई और लोग घंटों कतार में खड़े रहे। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया कि पहले दिन 78 लोगों के पंजीकरण हुए।
एसटीएच के एमएस डॉ. अरुण जोशी और बेस के सीएमएस डॉ. एसबी ओली ने कहा कि पंजीकरण के लिए अलग से आयुष्मान मित्र नहीं दिए हैं। स्टाफ मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना में लगा हुआ है। पंजीकरण के लिए जल्द ही अलग कक्ष या काउंटर की व्यवस्था की जाएगी।