हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल की एमआरआई मशीन चार दिन बाद ठीक हो सकी है। मशीन खराब होने से लोगों को परेशानी हो रही थी।
एसटीएच में रोजाना पंद्रह से बीस मरीजों का एमआरआई होता है लेकिन अब मरीजों को उनके तीमारदार एमआरआई के लिए निजी अस्पतालों मेें ले जा रहे हैं जहां उन्हें इसकी महंगी कीमत अदा करनी पड़ रही है। जबकि एसटीएच में एमआरआई शुल्क लगभग ढाई हजार रुपये है।