हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में बूढ़ी हो चुकी मशीनें अब धोखा देने लगी हैं। एक मशीन ठीक होती तो दूसरी खराब हो जाती है। सोमवार रात एमआरआई मशीन फिर खराब हो गई। इस कारण 25 मरीजों को लौटना पड़ा। मशीन ठीक होने में एक सप्ताह का समय लगेगा।
सुशीला तिवारी अस्पताल में डायलिसिस मशीन 15 दिनों से खराब पड़ी थी। डायलिसिस मशीन मंगलवार को ठीक हुई। 15 दिनों के भीतर लगभग सौ मरीजों को निजी अस्पताल में जाकर महंगी कीमतों पर डायलिसिस करानी पड़ी। अब एमआरआई मशीन खराब हो गई है। एसटीएच में एक दिन में 25 से 30 मरीजों का एमआरआई होता है। एमआरआई के लिए भीड़ अधिक होने के कारण काफी लंबी तिथि दी जाती है। लोगों को एक से दो माह बाद तक की तिथि भी एमआरआई के लिए मिलती है। प्राइवेट अस्पताल वाले एमआरआई चार्ज 5500 से 7500 रुपये तक वसूलते हैं जबकि एसटीएच में 2500 रुपये में एमआरआई होता है। मंगलवार को मरीजों को निजी डायग्नोस्टिक सेंटर और निजी अस्पतालों में महंगी कीमत पर एमआरआई कराना पड़ा। एमएस डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि एमआरआई मशीन का एक पार्ट खराब हुआ है। पार्ट आने में तीन से चार दिन का समय लगेगा। बताया कि डायलिसिस मशीन ठीक हो गई है।
सुशीला तिवारी अस्पताल का हाल, एक हफ्ते तक सही होने की उम्मीद नहीं
2500 में होता है एमआरआई जबकि प्राइवेट अस्पताल वाले 5500 से 7500 रुपये तक वसूलते हैं