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मैं कसम खाता हूं माल कर चोरी का नहीं है

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हल्द्वानी। रेलवे ने 50 हजार से कम कीमत का माल मंगाने पर एक शपथ पत्र अनिवार्य कर दिया है। इस शपथ पत्र में कारोबारी उक्त माल के लिए ई वे बिल अनिवार्य नहीं होने और जीएसटी नियमों के उल्लंघन के स्वयं को जिम्मेदार बताएगा। इस नियम से रेलवे का मकसद ट्रेन से होने वाली तस्करी पर शिकंजा कसना है।
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जीएसटी लागू होने के बाद 50 हजार से अधिक की कीमत का माल लाने पर ई वे बिल अनिवार्य कर दिया है। यह नियम ट्रेन से आने वाले माल पर भी लागू किया गया है। इस नियम के तहत बिल्टी, पार्सल का ई वे बिल अनिवार्य कर दिया गया है।

इधर काठगोदाम में दिल्ली से आने वाली ट्रेनों से माल की तस्करी होती है। इस नियम लागू होने के तस्करी काफी हद तक लगाम लगी। बाद में तस्करों ने 50 हजार से कम कीमत वाले कई नग माल मंगाए जाने लगे। नतीजा ट्रेनों से फिर से तस्करी बढ़ने की आशंकाओं को बल मिलने लगा। इस पर रेलवे बोर्ड ने 20 अप्रैल को एक सर्कुलर जारी किया है। इस सर्कुलर में देश भर के रेलवे स्टेशनों पर 50 हजार से कम का माल की बिल्टी, पार्सल छुड़ाने पर व्यापारियों को एक शपथ पत्र देना अनिवार्य किया है। इस पत्र में व्यापारी माल के लिए ई वे बिल अनिवार्य नहीं होने और जीएसटी नियमों का उल्लंघन करने मैं जिम्मेदार हूं, शपथ देगा। इसके बाद कुमाऊं के सभी स्टेशनों पर यह नियम लागू कर दिया गया है।
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ट्रेन से भी 50 हजार से कम का माल लाने पर एक शपथ पत्र देना है। इस शपथ पत्र में कर चोरी होने पर जिम्मेदारी खुद व्यापारी को होगी। झूठा शपथ पत्र देने पर व्यापारी के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
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= बीएस नगन्याल, अपर आयुक्त राज्य कर

ये होंगे फायदे
= कम कीमत के माल वाले नगों की भी एकाउंटबिलिटी हो सकेगी
= झूठे शपथ पत्र पर सजा का प्रावधान, कर चोरी पर कसेगा शिकंजा
= माल का बिल पेश होने से खरीददारों की भी चेकिंग होगी

ट्रेन से 50 हजार से कम का माल मंगाने पर शपथ पत्र जरूरी
माल की तस्करी रोकने को रेल मंत्रालय ने जारी किए आदेश
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